सिमरन सिंह
आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं है। इसमें आपकी पर्सनल फोटो, बैंकिंग ऐप्स, UPI, सोशल मीडिया और जरूरी डॉक्यूमेंट्स हो सकते हैं। इसलिए फोन खोने पर सिर्फ डिवाइस नहीं, डेटा की सुरक्षा भी जरूरी है।
फोन चोरी होते ही सबसे पहले अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करें। Airtel, Jio, Vi या BSNL के कस्टमर केयर/आधिकारिक चैनल से SIM को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू करें। इससे आपके नंबर के गलत इस्तेमाल का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।
आपका मोबाइल नंबर कई जरूरी सेवाओं से जुड़ा हो सकता है। बैंकिंग, UPI और दूसरे अकाउंट्स में नंबर का इस्तेमाल वेरिफिकेशन के लिए हो सकता है। इसलिए फोन गायब होते ही SIM सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
SIM सुरक्षित करने के बाद फोन के चोरी या गुम होने की शिकायत दर्ज कराएं। कई राज्यों में ऑनलाइन शिकायत या ई-एफआईआर की सुविधा उपलब्ध है। पुलिस शिकायत की कॉपी आगे की प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज बन सकती है।
पुलिस शिकायत में फोन का IMEI नंबर और मोबाइल नंबर जैसी जरूरी जानकारी शामिल करें। शिकायत की कॉपी और फोन खरीदने से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें। ये जानकारी आगे फोन ब्लॉक कराने की प्रक्रिया में काम आ सकती है।
फोन को भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर ब्लॉक कराने के लिए DoT के CEIR सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सुविधा Sanchar Saathi पहल के तहत उपलब्ध है। CEIR पर जाकर चोरी/गुम हुए फोन को ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट की जा सकती है।
CEIR प्रक्रिया में आम तौर पर फोन का IMEI नंबर, मोबाइल नंबर और पुलिस शिकायत से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है। फोन का IMEI नंबर बॉक्स, बिल या उपलब्ध डिवाइस रिकॉर्ड से मिल सकता है। जानकारी सही भरना जरूरी है।
CEIR के जरिए IMEI ब्लॉक होने के बाद फोन को भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल करने से रोका जा सकता है। अगर डिवाइस बाद में बरामद होता है, तो CEIR के जरिए उसे अनब्लॉक करने की प्रक्रिया भी उपलब्ध है। यानी चोर के लिए नया SIM डालकर फोन चलाना आसान नहीं रहेगा।
फोन चोरी या गुम होने पर याद रखें:
1. SIM ब्लॉक कराएं
2. पुलिस शिकायत दर्ज करें
3. CEIR पर IMEI ब्लॉक करें
साथ ही बैंकिंग ऐप्स और जरूरी अकाउंट्स की सुरक्षा जांचें।