जानिए! सेविंग और करेंट अकाउंट का अंतर और फायदे
बैंक में दो तरह के अकाउंट खोले जाते हैं Saving और Current Account, दोनों बैंक अकाउंट का इस्तेमाल डिपॉजिट और ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है।
लेकिन Saving और Current Account दोनों के फीचर्स एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं।
सेविंग अकाउंट को आसान भाषा में बचत खाता भी कहा जाता है। यह खाता आम आदमी के लिए बहुत लाभकारी होता है। इस खाते के द्वारा आपको पैसे सेव करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
सेविंग अकाउंट में आप थोड़ा-थोड़ा करके पैसे सेव कर सकते हैं, जमा पैसों पर आपको ब्याज भी मिलता है।
सेविंग अकाउंट को आप अकेले या जॉइंटली खुलवा सकते हैं, अकाउंट पर 4 से 6 प्रतिशत तक ब्याज दर मिलता है।
करंट अकाउंट को चालू खाता कहा जाता है। सेविंग्स अकाउंट की तरह डिपॉजिट और ट्रांजैक्शन इसमें भी किया जाता है, लेकिन इसमें किसी तरह का ब्याज नहीं दिया जाता है।
करंट बैंक अकाउंट उन ग्राहकों के लिए होता है, जो बड़ी मात्रा में नियमित रूप से पैसों का लेन-देन करते हैं।
करंट अधिकतर बिजनेस के लिए खोला जाता है। इसे स्टार्टअप, पार्टनरशिप फर्म, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पब्लिक लिमिटेड कंपनी आदि भी खुलवा सकती है।
करंट अधिकतर में कई तरह की वो पाबंदियां नहीं होती हैं, जो सेविंग्स अकाउंट में होती हैं।
सेविंग अकाउंट आम लोगों के लिए बनाया गया है वहीं करंट अकाउंट व्यापारियों के लिए बनाया गया है। दोनों ही बचत खाते में ब्याज मिलता है।
सेविंग अकाउंट में एक लिमिट तक ही आप ट्रांजैक्शन कर सकते हैं, वहीं करंट अकाउंट में ट्रांजेक्शन लिमिट नहीं होती है। जितना चाहे उतना ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
