आखिर हेलमेट पहनकर श्रद्धालु क्यों करते हैं अमरनाथ यात्रा?
इस साल की अमरनाथ यात्रा शनिवार 1 जुलाई से शुरू हो गयी हैं। पिछले साल की बारिश और भूस्खलन की घटना के बाद इस साल ज्यादा सावधानी बरती जा रही है।
अमरनाथ यात्रा का सबसे बड़ा आधार शिविर नुनवान पहलगाम है।
यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाओं को देखते हुए कुछ हिस्सों को संवेदनशील घोषित किया गया है।
वहां से आते-जाते समय यात्रियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य हैं। खच्चर चलाने वाले श्रद्धालुओं को भी हेलमेट पहनना होगा।
यह हेलमेट श्राइन बोर्ड की ओर से नि:शुल्क दिया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक पंजीकरण की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक है।
दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा 1 जुलाई से शुरू हो गयी हैं।
यह यात्रा 1 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगी। इस वर्ष की तीर्थयात्रा 62 दिनों तक चलेगी और अब तक की सबसे लंबी होगी।
अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
