

Environmental Concern : प्लास्टिक प्रदूषण आज दुनिया की सबसे गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं में से एक बन चुका है। इसका असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कर्नाटक के माले महादेश्वरा हिल्स (एमएम हिल्स) से सामने आए एक वायरल वीडियो ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है। वीडियो में एक जंगली हाथी प्लास्टिक कचरे के ढेर में भोजन तलाशता हुआ दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए इस वीडियो में हाथी को बिखरे हुए कचरे के बीच खाने की तलाश करते देखा जा सकता है। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में कहा गया कि यह केवल हाथी की त्रासदी नहीं, बल्कि उस प्राकृतिक आवास की दुर्दशा है जिसे इंसानों ने कूड़े के ढेर में बदल दिया है। वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर चिंता जताई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना अमावस्या वीकेंड के बाद की है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु माले महादेश्वर मंदिर पहुंचे थे। तीर्थयात्रियों के लौटने के बाद इलाके में प्लास्टिक बैग, डिस्पोजेबल प्लेट, पानी की बोतलें, फूड पैकेट और बचा हुआ भोजन बड़ी मात्रा में फैला रह गया। माना जा रहा है कि भोजन की तलाश में हाथी इन कचरे के ढेरों तक पहुंचा और वहीं खाने की कोशिश करने लगा।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ते प्लास्टिक कचरे को वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बताया। कुछ लोगों ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया, जबकि अन्य ने आम नागरिकों से भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्लास्टिक कचरा वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। प्लास्टिक खाने से जानवरों के पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उनकी जान तक जा सकती है। ऐसे में पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को मजबूत करना और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण जरूरी माना जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आवासों को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वन्यजीवों के सामने ऐसे खतरे और बढ़ सकते हैं।