अरशद नदीम के जीतने पर पाकिस्तान में क्यों ट्रेंड करने लगा ‘मियां चन्नू’, जानें क्या है इसके पीछे की वजह
पाकिस्तान के होनहार एथलीट अरशद नदीम ने परेसि ओलंपिक 2024 में गोल्ड मेडल जीत लिया है। उनकी इस जीत से पूरे देश में खुशी की लहर है। अरशद के जीत के बाद पाकिस्तान में मियां चन्नू ट्रेंड कर रहा है। जिसके बाद लोगों में मियां चन्नू के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
पेरिस: पाकिस्तान के होनहार खिलाड़ी अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में स्वर्ण पदक जीत कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए नदीम ने ना केवल अपने और अपने परिवार का नाम रौशन किया है बल्कि पूरे देश को भी गर्व करने का मौका दिया है।
अरशद के इस जीत से पाकिस्तान में जश्न का माहौल है। नदीम को बधाई देने वालों का तांता लगा हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार उन्हें अपना आर्शीवाद और बधाई दे रहे हैं। उनके इस जीत के बाद पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड करने लगा। उनके नाम के साथ हैस्टैग ‘मिया चन्नू’ भी काफी ट्रेंड किया। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि ‘मियां चन्नू’ के ट्रेंड होने के पीछे का क्या राज है।
पाकिस्तान में जगह का नाम
बता दें कि मियां चन्नू पाकिस्तान में एक जगह का नाम है। यह जगह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले मे है। जहां की आबादी लगभग 90 हजार है। इसे साउथ पाकिस्तान का गेटवे भी कहा जाता है। इस जगह का नाम सूफी संत बाबा मियां चन्नू के नाम पर रखा गया था। इस मौके पर इस शहर का नाम इसलिए ट्रेंड कर रहा है क्योंकि अरशद नदीम का जन्म इसी स्थल पर हुआ है।
अरशद के बर्थ प्लेस के कारण ये शब्द चर्चे में है। लोग इस शहर के बारे में और भी ज्यादा जानने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। कहा जाता है कि ये जगह अंग्रेजों के पसंदीदा जगहों में से एक थी। अंग्रेज सरकार कई बार इस जगह का नाम बदलने की कोशिश की थी। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आज इस छोटे से जगह को मिली बड़ी जीत की वजह से ये ट्रेंड में है। शहर से जश्न की कई तस्वीरें सामने आ रही है।
बता दें कि नदीम और उनके गांव का भी काफी कनेक्शन है। बताया जाता है कि नदीम के पिता मजदूरी करते थे। जिसकी वजह से उनके पास घर चलाने के लिए भी पैसे नहीं थे। ऐसे में अरशद को अच्छी ट्रेनिंग और पेरिस जाने के लिए पैसे जुटा पाना काफी मुश्किल था। इस खराब समय में पूरे गांव वालों ने चंदा इकट्ठा कर के अरशद को पेरिस जाने के लिए पैसे दिए थे। जिसके बाद अरशद वहां जाकर झंडा गाड़ दिया।