

क्राइम-अपराध के मुद्दे पर सीएम सम्राट के बायन पर तेज प्रताप यादव ने कसा तंज
तेज प्रताप यादव ने तंज कसते हुए पूछा कि सीएम चरवाहा विद्यालय में पढ़े हैं?
तेज प्रताप यादव ने कहा बिहार में कहां हो रहा विकास, सरकार दे जवाब
Tej Pratap Yadav Attacks Samrat Choudhary: देश की सियासत के साथ-साथ बिहार की सियासत में भी पारा चढ़ा हुआ है। बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज है। सीएम साहब की जुबान क्या फिसली उनके लिए वो जी का जंजाल बन गया। इस बार राजद नेता तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आड़े हाथ लिया है। सीएम के एक बयान पर तीखा तंज कसते हुए उन्हें निशाने पर लिया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री क्राइम और अपराध के बीच का फर्क तक नहीं जानते हैं। उन्होंने तंज भरे अंदाज में सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री चरवाहा विद्यालय में पढ़े हैं? उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ने के आसार हैं।
तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक समझ पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर मुख्यमंत्री किस स्कूल में पढ़े हैं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले क्राइम और अपराध के बीच का अंतर समझना चाहिए। उनके इस बयान को मुख्यमंत्री के खिलाफ सीधे राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
तेज प्रताप यादव ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुफ्त बिजली के लाभार्थियों से बिजली की खपत कम करने की अपील को लेकर सवाल उठाए। तेज प्रताप ने कहा कि आखिर सरकार लोगों से क्या उम्मीद कर रही है? क्या लोग त्योहार मनाना छोड़ दें और अपने घरों में बिजली जलाना बंद कर दें? उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय घरों में रोशनी करना आम बात है। ऐसे में लोगों को बिजली बचाने की नसीहत देने के बजाय सरकार को उनकी जरूरतों और सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 नवंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर यह बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। कोई अपराधी नहीं है।
तेज प्रताप ने बिहार में विकास के दावों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार पहले यह बताए कि बिहार में आखिर विकास कहां हो रहा है? केवल बयान देने और दावे करने से विकास नहीं होता। सरकार को जनता के सामने अपने कामकाज का हिसाब रखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब आम लोगों की समस्याएं बनी हुई हैं तो विकास के दावों का आधार क्या है?
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की ओर से लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर भी तेज प्रताप ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने पिता के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि निश्चित रूप से वोट की चोरी हुई है। उनका यह बयान बिहार में चुनावी प्रक्रिया और वोटों की निष्पक्षता को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
कुल मिलाकर तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कानून-व्यवस्था, बिजली और विकास के मुद्दों पर घेरते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उनके इन बयानों से बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।