

Highlights:
बिहारी युवक की रूस की लड़की से शादी की खबर झूठी है
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
संस्था से जुड़े काम से बिहार की यात्रा पर थी ब्रिटिश लड़की
Russian Girl Married Bihari Boy Viral Video: इंटरनेट पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि भागलपुर का एक युवक रूस में रोजगार के लिए गया था। वहां उसकी मुलाकात जूली नाम की रूसी युवती से हुई और दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया। अब वह विदेशी लड़की शादी के इरादे से बिहार आ गई है और दोनों नवंबर में विवाह रचाने वाले हैं। वीडियो में एक विदेशी महिला कच्चे मकान के आंगन में घूमती नजर आती है। गरीबी और विदेशी प्रेमिका की चर्चा सोशल मीडिया के जरिए देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया। कई बड़े मीडिया प्लेटफॉर्म और लोकल कंटेंट क्रिएटर्स ने भी इस खबर को फैलाया। लेकिन यह पूरी कहानी झूठी है।
वीडियो में यह बताया जा रहा था कि युवक का नाम राहुल है और वह भागलपुर का रहने वाला है। रूस में काम करते हुए उसकी मुलाकात जूली से हुई और अब दोनों शादी की तैयारी में हैं। विदेशी महिला के गांव के कच्चे घर में घूमने के दृश्य ने इसे और आकर्षक बना दिया।
जांच से पता चला कि युवक भागलपुर का नहीं, बल्कि पूर्णिया जिले का है। उसका असली नाम नमित है, राहुल नहीं। वीडियो में दिख रही युवती का नाम भी जूली नहीं, बल्कि एंड्रिया कॉनोली है। वह रूसी नहीं, बल्कि ब्रिटिश हैं और ब्रिटिश एनजीओ शिविया से जुड़ी हुई हैं।
शिविया संस्था बिहार के पूर्णिया में ‘साथी’ नाम की स्थानीय संस्था के साथ मिलकर महिलाओं के स्वरोजगार के लिए काम कर रही है। साथी संस्था के कोऑर्डिनेटर अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि 7-8 अक्टूबर को छह महिलाओं की एक टीम पूर्णिया आई थी। एंड्रिया उसी टीम की सदस्य थीं। उन्होंने स्थानीय महिलाओं से मुलाकात की। स्वागत में महिलाओं ने उन्हें गुलाब का गुलदस्ता भेंट किया। एंड्रिया कुछ महिलाओं के घर भी गईं।
इन तस्वीरों को संस्था ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी डाला है। जब ये महिलाएं गांव में घूम रही थीं, तो आसपास काफी भीड़ जमा हो गई। उसी भीड़ में नमित भी मौजूद था। किसी ने वीडियो बना लिया और उसके साथ पूरी तरह मनगढ़ंत प्रेम-कहानी जोड़कर वायरल कर दिया। वीडियो में एंड्रिया के हाथ में जो गुलदस्ता दिख रहा है, वही है जो उन्हें स्वागत के दौरान दिया गया था।
अभिषेक कुमार सिंह ने साफ कहा कि एंड्रिया उनकी मेहमान थीं। किसी व्यक्ति का वीडियो गलत तरीके से वायरल करना गलत है। संस्था इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है। उन्होंने मीडिया संस्थानों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बड़े-छोटे कई संस्थानों ने बिना जांच-पड़ताल के यह खबर छाप दी, जिससे न सिर्फ संस्था की बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नमित कभी विदेश नहीं गया। जब उसे पता चला कि पास के गांव में विदेशी महिलाएं आई हैं, तो वह सिर्फ देखने चला गया था। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर बिना जांच के फैली खबरें कितनी आसानी से लोगों को गुमराह कर सकती हैं।