(कांसेप्ट फोटो सौ. सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: आप शायद हर दिन लोगों को कार चलाते हुए देखते होंगे। आपने शायद फिल्मों में बंदरों को हांकते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी माउस ड्राइव देखी है? वैज्ञानिकों ने हाल ही में चूहों को गाड़ी चलाना सिखाया। जिसने भी ये नजारा देखा उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे संभव है। हमें आपको अधिक जानकारी प्रदान करने में खुशी होगी।
अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड ने चूहों के एक समूह को छोटी प्लास्टिक कारें चलाना सिखाया। बदले में वे उन्हें अनाज से बना फ्रूट लूप्स ब्रांड का अनाज देते हैं। आइए आपको बताते हैं कि ये कैसे संभव हुआ। दरअसल डॉ. इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता केली लैंबर्ट ने पाया कि चूहे का दिमाग मानव दिमाग के समान होता है।
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आपमें किसी भी कौशल में शीघ्रता से महारत हासिल करने की क्षमता है। सबसे पहले वैज्ञानिकों ने एक छोटी प्लास्टिक कार बनाई जो बिजली से चल सकती थी। उसने एल्युमिनियम प्लेट को एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखा और फिर उसमें पहिए डाल दिए। फिर इस बॉक्स में तांबे का तार डाला गया। कार चलाने के लिए चूहे एल्युमीनियम की प्लेट पर बैठते हैं और तांबे के तार को छूते हैं। अब घेरा बंद हो गया और कार चलने लगी। चूहे अपनी दिशा स्वयं चुन सकते हैं।
माउस ड्राइव (images social media)
बता दें कि वैज्ञानिकों ने पाया कि जो चूहे खिलौने और अन्य कई चूहों के बीच रहते हैं। वो ज्यादा आसानी से गाड़ी चलाना सीख जाते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी पाया कि चूहों को गाड़ी चलाने के लिए बहुत मोटिवेशन मिलता है। डॉक्टर ने कहा कि उन्हें लगता था कि चूहों को गंदगी पत्थर और प्लास्टिक की चीजें ज्यादा पसंद आती थीं। पर अब हम देख पा रहे हैं कि चूहे प्लास्टिक की कारें चला सकते हैं।