रेल में छात्र की मौत के दावे पर मचा बवाल, राहुल गांधी के पोस्ट के बाद रेलवे ने दी सफाई

Rahul Gandhi Student Death Claim : ट्रेन में एक छात्र की कथित मौत के राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद पूर्व मध्य रेलवे ने सामने आकर दावा वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की मौत की कोई पुष्टि नहीं हुई।
After Rahul Gandhi reacted to a viral train video, the Railways clarified that there is no confirmation of any student's death.
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Student Death Train Viral Video : सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। वीडियो में ट्रेन के अंदर एक युवक की तबीयत बिगड़ती हुई नजर आती है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि परीक्षा देने जा रहे एक छात्र की घुटन के कारण मौत हो गई।

इस दावे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। हालांकि अब पूर्व मध्य रेलवे ने इस पूरे मामले पर सफाई जारी की है।

राहुल गांधी ने किया ट्रेन में युवक की मौता का दावा

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता अतुल लौंडे पाटिल ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। वीडियो में एक युवक ट्रेन की भीड़भाड़ वाली बोगी में अचानक अस्वस्थ होता दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग उसे पानी पिलाने और संभालने की कोशिश करते हैं।

इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि युवक की मौत हो गई और घटना पाटलिपुत्र स्टेशन से जुड़ी है। इसी वीडियो को शेयर करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और रेलवे प्रबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह दृश्य उन्हें झकझोर देने वाला है और छात्रों को सुरक्षित यात्रा की सुविधा नहीं मिल रही है।

रेलवे ने कहा कि छात्र की मौत की कोई पुष्टि नहीं हुई

राहुल गांधी की पोस्ट वायरल होने के बाद पूर्व मध्य रेलवे ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह घटना पाटलिपुत्र स्टेशन की नहीं है और किसी भी व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि किसी भी आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है। रेलवे ने लोगों से अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील की।

रेलवे के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की स्थिति को देखकर पहली नजर में ऐसा लगता है कि वह किसी मेडिकल समस्या या अत्यधिक थकान के कारण अस्वस्थ हुआ होगा। रेलवे ने यह भी कहा कि बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। अब यह मामला सोशल मीडिया पर तथ्य और दावों की सत्यता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।