

Pakistan Medical Negligence Viral Video: पड़ोसी देश पाकिस्तान से चिकित्सा क्षेत्र को शर्मसार कर देने वाली एक नई घटना सामने आई है। इस बार मामला आतंकवाद या हिंसा से नहीं, बल्कि एक ऑपरेशन थिएटर (OT) में हुई गैरजिम्मेदाराना हरकत का है। लाहौर के एक प्रसिद्ध अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने मरीजों की जान को खतरे में डालते हुए ऑपरेशन थिएटर को ‘खेल का मैदान’ बना दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह देखा जा सकता है कि डॉक्टर और स्टाफ आपस में ‘सर्जरी कॉम्पिटिशन’ कर रहे हैं, जिसे देखकर लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर उमड़ पड़ा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह चौंकाने वाला मामला लाहौर के लेडी विलिंगडन अस्पताल का है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि दो अलग-अलग टीमें दो गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन (C-Section) ऑपरेशन कर रही हैं। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डॉक्टर मरीज की सुरक्षा की बजाय यह तय करने में लगे हैं कि कौन सबसे पहले सर्जरी पूरी करता है। बैकग्राउंड में कुछ लोग उन्हें ‘जल्दी करो, जल्दी करो’ कहते हुए और हंसते हुए भी नजर आ रहे हैं।
इस घटना ने न केवल मरीजों की जान को खतरे में डाला, बल्कि मेडिकल एथिक्स और मरीज की प्राइवेसी का भी उल्लंघन किया है। ऑपरेशन थिएटर में वीडियो बनाना सख्त मना है, लेकिन यहां न केवल वीडियो बनाया गया बल्कि इसे सोशल मीडिया पर ‘मज़े’ के लिए भी साझा किया गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ‘जाहिलियत’ बताया और कहा कि अगर यह घटना किसी अन्य देश में होती, तो संबंधित डॉक्टरों का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाता।
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उन्हें तुरंत सस्पेंड करने की मांग की। एक यूजर ने लिखा, ‘इन डॉक्टरों की पढ़ाई का क्या फायदा जब इन्हें एक इंसानी जान की कीमत ही नहीं पता।’ दूसरे यूजर ने वीडियो रिकॉर्ड करने वाली टीम की पहचान कर उन्हें सजा देने की भी मांग की। लोगों ने कहा कि पाकिस्तान में स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही कमजोर है और ऐसी घटनाएं इसे और भी खराब करती हैं।
मामले के बढ़ने पर लेडी विलिंगडन अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. फराह ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी यह पता लगाएगी कि वीडियो किसने बनाया, इसे कैसे लीक किया गया और प्रतियोगिता में कौन-कौन से डॉक्टर शामिल थे। अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।