Meerut Viral Video: आज कल लोगों में रील की दिवानगी कुछ ऐसी है कि लोग रील और वायरल होने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना किसी भी हद तक जा सकते हैं। अपनी जान तो दांव पर लगाते ही है साथ ही साथ कई बार रीलबाजों की गलती का शिकार कोई और हो जाता है और उसे अपनी जांन गवानी पड़ती है।
इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है जिस वीडियो में स्कूली छात्र खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठ रहा कि आखिर घरवाले नाबालिगों को सड़क पर चलने के गाड़ी कैसे दे देते हैं?
मेरठ के स्कूली बच्चों का सड़क पर खतरनाक स्टंट इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो मेरठ के सिविल लाइन इलाके की बताई जा रही है।
वायरल वीडियो में 1 बाइक पर 6 स्कूली छात्र सवार नजर आ रहे हैं। वीडियो देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि बच्चे स्टंटबाजी में मस्त थे और किसी राहगीर ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है।
मेरठ से वायरल हुए इस वीडियो में एक ही बाइक पर 6 छात्र बैठे नजर आ रहे हैं। उन्हें न तो हेलमेट की चिंता और न ट्रैफिक नियमों की परवाह। कैमरे के सामने चंद सेकेंड की रील और व्यूज के लिए किया गया यह ‘कारनामा’ किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता था।
आजकल सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की वायरल रील के लिए युवा और नाबालिग खतरनाक स्टंट तक करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
लेकिन मेरठ का यह वीडियो सवाल खड़ा करता है कि वायरल होने की चाह कहीं जिंदगी पर भारी तो नहीं पड़ रही?
रील के चक्कर में बनाई गई नाबालिकों से जुड़ी वीडियो में जवाबदेही अभिभावक की होनी चाहिए। बच्चा नासमझ है। उसके हाथ में फोन है और सोशल मीडिया पर सक्रिय है। बच्चे को सही गलत की समझ नहीं है, ऐसी स्थिति में अभिभावक को जागरुक होने और बच्चों को समझाना चाहिए।
ऐसे मामलों में बच्चों को ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है। एक वायरल वीडियो के चक्कर में अगर हादसा हो जाए, तो नुकसान सिर्फ कुछ लाइक्स से कहीं बड़ा हो सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर बाइक और उसमें सवार स्कूली बच्चों की पहचान कर कार्रवाई करेगी?