

Friendship Band Emotional Story : फ्रेंडशिप डे के मौके पर सोशल मीडिया पर एक ऐसी कहानी वायरल हो रही है, जिसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। इंस्टाग्राम यूजर अरुण तोमर ने अपनी बेटी दानिका का एक नया वीडियो शेयर किया है, जो पिछले साल की एक भावुक याद से जुड़ा है। पिछले वर्ष दानिका स्कूल से उदास होकर घर लौटी थी क्योंकि उसने अपने सभी दोस्तों को फ्रेंडशिप बैंड दिए थे, लेकिन किसी ने उसे एक भी बैंड नहीं दिया था।
वीडियो में दानिका अपने पिता से मासूमियत से कहती है, "पापा, मैंने तो सबको दे दिया, लेकिन किसी ने मुझे नहीं दिया।" जब पिता ने पूछा कि वह अपने दोस्तों को इतना महत्व क्यों देती है, तो उसने जवाब दिया, "क्योंकि मैं अपने दोस्तों से प्यार करती हूं।" यह वीडियो उस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था और लोगों की आंखें नम कर गया था।
एक साल बाद कहानी ने बेहद खूबसूरत मोड़ लिया। इस बार दानिका स्कूल से खुशी-खुशी घर लौटी और अपने हाथ में बंधे कई फ्रेंडशिप बैंड अपने पिता को दिखाने लगी। वह उत्साहित होकर बताती है कि उसके दोस्त लक्ष्यित ने उसे तीन फ्रेंडशिप बैंड दिए, सृष्टि ने एक और मनमीत ने दो बैंड दिए।
वीडियो के साथ पिता ने लिखा, "याद है पिछले साल किसी ने उसे फ्रेंडशिप बैंड नहीं दिया था? देखिए इस साल क्या हुआ।" दानिका के चेहरे की मुस्कान और उसकी मासूम खुशी ने एक बार फिर इंटरनेट का दिल जीत लिया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे दोस्ती की सबसे प्यारी कहानियों में से एक बता रहे हैं।
वीडियो पर हजारों सोशल मीडिया यूजर्स ने भावुक प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई लोगों ने लिखा कि यह वीडियो उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिला गया, जब उन्हें भी फ्रेंडशिप बैंड न मिलने का दुख होता था। एक यूजर ने लिखा, "बड़े होने पर समझ आता है कि ढेर सारे दोस्त नहीं, बल्कि सच्चे दोस्त मायने रखते हैं।"
वहीं कई लोगों ने लक्ष्यित की तारीफ करते हुए उसे इस कहानी का "रियल एमवीपी" बताया। कई माता-पिता ने भी स्वीकार किया कि पिछले साल वाला वीडियो देखकर उनकी आंखें भर आई थीं, जबकि इस बार दानिका की मुस्कान देखकर उन्हें सुकून मिला। यह वायरल वीडियो दोस्ती, संवेदनशीलता और छोटे-छोटे पलों की बड़ी खुशियों का खूबसूरत संदेश देता है।