

Women Empowerment : दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और देश के कई बड़े शहरों में लाखों युवा बेहतर भविष्य की तलाश में घर से दूर रहते हैं। लेकिन लंबे समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने के दौरान बढ़ता तनाव, काम का दबाव, अनियमित जीवनशैली और सीमित ग्रोथ कई लोगों को अपने करियर पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर देती है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही महिला की कहानी वायरल हो रही है, जिसने 9 साल तक आईटी मैनेजर के रूप में काम करने के बाद अपनी नौकरी छोड़ दी और अब ऑटो रिक्शा चलाकर जीवनयापन कर रही है।
यह कहानी इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो के जरिए सामने आई। वीडियो पोस्ट करने वाली उद्यमी महिला ने बताया कि उनकी मुलाकात एक आत्मविश्वासी और खुशमिजाज महिला ऑटो चालक से हुई। बातचीत के दौरान पता चला कि वह पहले एक आईटी कंपनी में मैनेजर थीं और करीब नौ साल तक कॉर्पोरेट दुनिया का हिस्सा रहीं।
हालांकि लगातार तनाव और दबाव के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। अब वह अपना ऑटो खुद चलाती हैं और हर महीने लगभग 60 हजार रुपये तक की कमाई कर लेती हैं। महिला का कहना है कि सबसे बड़ी बात यह है कि वह अब पहले की तुलना में ज्यादा खुश और संतुष्ट महसूस करती हैं।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया और हजारों लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने महिला के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि जीवन में मानसिक शांति और खुशी किसी भी बड़े पद या प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण है।
कुछ लोगों ने कॉर्पोरेट जीवन के तनावपूर्ण अनुभव साझा किए, जबकि कई ने इसे साहसिक और प्रेरणादायक फैसला बताया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि सफलता का मतलब केवल बड़ी नौकरी या ऊंची सैलरी नहीं होता, बल्कि ऐसा काम चुनना भी है जो व्यक्ति को संतुष्टि और सुकून दे।