

Tiger Attack Viral Video Truth: मॉर्डन टेक्नोलॉजी के जमाने में सामने दिखने वाली हर चीज सच हो, यह जरूरी नहीं है। इंटरनेट पर एक खूंखार टाइगर के गेस्ट हाउस के बाहर बैठे गार्ड पर अटैक करने का वीडियो जोरों-शोरों से वायरल हो रहा था। लेकिन रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी शुशांता नंदा ने इस वीडियो का सच बताकर सबको चौंका दिया है।
इंटरनेट पर कमजोर दिल वालों के लिए एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें एक टाइगर इंसान पर हमला करता दिखाई दे रहा था। इस वायरल वीडियो में एक गार्ड, कथित तौर पर गेस्ट हाउस के बाहर बैठा होता है, जब तभी अचानक एक टाइगर दौड़ता हुआ आता है और उसपर जोरदार झपट्टा मारता है। आगे का दृश्य बेहद दर्दनाक बताया गया था।
X यूजर @Himmu86407253 ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया था कि यह महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के ब्राह्मपुरी फारेस्ट गेस्ट हाउस की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग है। यह दावा इतना रियलिस्टिक था कि कुछ लोग एक बार के लिए इसे असली घटना मान लेते हैं। इस वीडियो को 90 हजार से अधिक व्यूज और 700 से ज्यादा लाइक मिले, जिससे यह जोरों-शोरों से वायरल हो रहा था।
वीडियो के वायरल होने पर पूर्व वन अधिकारी और रिटायर्ड आईएफएस शुशांता नंदा सामने आए और इस पर प्रतिक्रिया दी। @susantananda3 नाम के X यूजर ने इस वीडियो को रिपोस्ट करते हुए भंडाफोड़ कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि यह AI जनरेटेड है।
शुशांता नंदा ने इसके साथ ही स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि बाघ आदमखोर नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि बाघ भोजन के लिए इस तरह इंसानों का शिकार कभी नहीं करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि राजा का सम्मान करें और ऐसे वीडियो का शिकार न बनें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बाघों द्वारा इंसानों को मारने की कथित घटनाएं केवल परिस्थितिजन्य (circumstantial) होती हैं।
आईएफएस अधिकारी के इस खुलासे के बाद लोगों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस AI जनरेटेड वीडियो को बारीकी से देखने के बाद, एक यूजर ने कमेंट किया कि 60 किलो के इंसान को घसीटने के बाद भी एक पत्ता तक नहीं हिला।
यूजर ने इसे उन बारीक विवरणों का सबूत बताया जिसे आलसी लोग देखना नहीं चाहते। एक अन्य यूजर ने चिंता जताई कि सनसनी फैलाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और AI से यह आसान हो गया है, जिससे वन्यजीवों पर संकट और गहरा गया है। उन्होंने कहा कि पहले से ही लोगों के रवैए से वन्यजीव संकट में हैं।