वायरल हो रही है पुणे के किसान की ये कलाकारी, बना दी है विठ्ठल भगवान की 120 फुट ऊंची छवि- देखें Video
किसान ने धान की फसलों को उपयोग करके खेत में भगवान विठ्ठल की छवि बनाई है। किसान ने धान की फसलों के ऐसा इस्तेमाल किया है कि दिखने में वह भगवान विठ्ठल की छवि ही दिख रही है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खुब वायरल हो रहा है।
- Written By: किर्तेश ढोबले
किसान द्वारा खेत में बनाई गई भगवान विठ्ठल की छवि (फोटो सौजन्यः वीडियो स्क्रीनग्रैब)
मुंबई: महाराष्ट्र में आषाढ़ी एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों तथा पड़ोसी राज्यों से लाखों ‘वारकरी’ (भगवान विठ्ठल के भक्त) पंढरपुर में एकत्रित होते हैं। यह त्यौहार पूरे राज्य में बड़े ही धुमधाम से मनाया जाता है। आषाढ़ी एकादशी को और खास बनाने के लिए एक किसान ने शानदार तरीका अपनाया है। किसान ने अपने खेत में पौधों की मदद से भगवान विठ्ठल की छवि बना दी है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खुब वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुणे के मुलशी तहसील का है। किसान ने अपने खेत में खड़ी फसलों का उपयोग कर भगवान विठ्ठल की छवि बनाई है। बताया जा रहा है कि किसान पेशे से एक इंजीनियर भी है। किसान ने धान की फसलों को उपयोग करके खेत में 120 फुट की भगवान विठ्ठल की छवि बनाई है।
किसान ने धान की फसलों के ऐसा इस्तेमाल किया है कि दिखने में वह भगवान विठ्ठल की छवि ही दिख रही है। इस वीडियों को ऑल इंडिया रेडिओ ने अपने आधिकारिक एक्स पर शेयर किया है। जो सोशल मीडिया पर खुब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग किसान की जमकर तारीफ कर रहे है। एक य़ूजर ने लिखा किसान के अंदर भगवान को लेकर जरूर बड़ी श्रद्धा होगी। तभी उसने 120 फुट लंबी छवि बना दी।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की भगवान विट्ठल के मंदिर में पूजा-अर्चना
इससे पहले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘आषाढ़ी एकादशी’ के मौके पर सोलापुर जिले के पंढरपुर शहर में भगवान विट्ठल के मंदिर में पूजा-अर्चना की। परंपरा के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हर साल आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर में भगवान विट्ठल और देवी लक्ष्मी को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों तथा पड़ोसी राज्यों से लाखों ‘वारकरी’ (भगवान विट्ठल के भक्त) समारोह के लिए पंढरपुर में एकत्रित हुए हैं।
