आर्म्ड फॉर्स के कमांडो ने सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ाई पहली सैलरी, वीडियो वायरल होते ही छिड़ी बहस

First Salary Donation : एक आर्म्ड फॉर्स कमांडो द्वारा अपनी पहली सैलरी सांवलिया सेठ मंदिर में दान करने का वीडियो वायरल हो गया है। जहां कुछ लोग इसे श्रद्धा बता रहे, वहीं कई यूजर्स इसे लेकर सवाल उठाए।
A video of an Armed Forces commando donating his first salary at Sanwariya Seth temple has gone viral, sparking a debate online.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Sanwariya Seth Viral Video : नौकरी लगने की खुशी हर किसी के लिए खास होती है। इसके लिए लोग मेहनत के साथ-साथ मंदिरों और मजारों में मन्नत भी मांगते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस आस्था और जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि देश की आर्म्ड फॉर्स का एक कमांडो अपनी पहली सैलरी राजस्थान के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में दान करता नजर आ रहा है।

वीडियो में कमांडो वर्दी में अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचता है और चंदा काउंटर पर जाकर अपनी जेब से पूरी सैलरी निकालकर मंदिर समिति को सौंप देता है। इस दौरान आसपास मौजूद लोग इस पल को अपने कैमरे में कैद करते दिखते हैं।

पहली सैलरी सांवलिया सेठ जी को

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कमांडो अपनी पहली सैलरी को कैमरे के सामने गिनता है और मुस्कुराते हुए भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में अर्पित कर देता है। परिवार के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। कमांडो ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “पहली सैलरी सांवलिया सेठ जी को दे रहा हूं।”

बताया जा रहा है कि यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट solzarr_vishal_09 से शेयर किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। वीडियो के वायरल होते ही लोग इसे आस्था, श्रद्धा और निजी आस्था का विषय बता रहे हैं, तो वहीं कई यूजर्स इसे लेकर अलग राय रखते नजर आ रहे हैं।

वीडियो पर छिड़ी बहस

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “इतना भी अंधभक्त नहीं होना चाहिए।” दूसरे यूजर ने कहा, “इससे अच्छा किसी गरीब को खाना खिला देता।” वहीं कई लोगों का मानना है कि पहली सैलरी माता-पिता को दी जानी चाहिए।

एक यूजर ने लिखा, “पहली सैलरी मां-बाप को देनी थी, जिन्होंने तुम्हें इस काबिल बनाया।” हालांकि कुछ लोग कमांडो के इस कदम को उसकी व्यक्तिगत श्रद्धा और विश्वास बता रहे हैं। कुल मिलाकर, यह वीडियो आस्था बनाम जिम्मेदारी की बहस को फिर से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना चुका है।