क्या आप भारत से हैं? नहीं हैं तो मेरे देश से दफा हो जाओ... जानिए इस वायरल वीडियो का सच

Indian Couple In America: सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में एक भारतीय कपल के साथ नस्लीय भेदभाव का मामला सामने आया है। इस वीडियो पर कई यूजर्स ने रोष प्रकट किया है।
Are you from India? If not, then "Get out of my country!" Know the truth behind the viral video.
वायरल वीडियो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Viral Video Social Media: क्या आप भारत से हैं.....अगर आप अमेरिकी नही है तो तुरंत भारत वापस जाएं.....जी हां यह कोई सरकारी आदेश नही है बल्कि यह एक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है जिसमें नस्लीय भेदभाव साफ प्रतीत होता है।

दरअसल यह वायरल वीडियो US का है। जहां एक अमेरिकी व्यक्ति ने एक भारतीय कपल से पूछा कि क्या आप भारतीय है? अगर आप भारत से हैं तो अपने देश वापस चले जाएं। इतना ही नहीं वह व्यक्ति भारतीय कपल से यह भी पूछता है कि क्या भारत US से बेहतर है तो भारतीय कपल ने बड़ी सहजता से जवाब दिया कि उनका परिवार भारत में ही रहता है और वह दुनिया घुमने आए हैं। ऐसा जवाब मिलने पर वह व्यक्ति गुस्से में आकर उन्हें गाली देते हुए कहा, "मेरे देश से दफ़ा हो जाओ।"

हालांकि इस वायरल वीडियो की तारीख और जगह की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस वीडियो को भारतीय मूल के कई लोगों और NRI चैनलों ने शेयर किया और बताया कि US में भारतीयों को रोज़ाना किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। साफ तौर पर कहा जाय तो US में अकसर भारतीयों को नस्लीय भेदभाव से गुजरना पड़ता है।

एक NRI चैनल ने इस वीडियो को शेयर करते हुए दिल तोड़ने और परेशान करने वाला बताया।

यूजर्स की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने इसे भारतीयों की कमजोरी तो किसी ने भारतीय कपल को सख़्त बनने की सलाह दी है। तो किसी ने अमेरिकी व्यक्ति के व्यवहार की कड़ी निंदा की है।

एक यूज़र ने लिखा, "इतने चुप और अनजान क्यों रहते हो? यह 'सब ठीक है' वाला रवैया हमें और भी ज़्यादा कमज़ोर बना देता है। नस्लवाद के ख़िलाफ़ अब और ज़्यादा सख़्त और आक्रामक बनो।"

एक अन्य यूज़र ने लिखा, "नॉर्थ टेक्सास की असल दुनिया में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। अगर आपके साथ, या आपके किसी जानने वाले के साथ, या आपके आस-पास ऐसी कोई घटना होती है - तो अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट ज़रूर करें। नफ़रत से जुड़ी उस घटना को अपने फ़ोन में रिकॉर्ड करें और पुलिस को दें। चुप रहने से गुंडों का हौसला और बढ़ जाता है!!"

एक यूज़र ने कहा, "यह बहुत ही बेवकूफी भरी बात है। राह चलते अजनबियों को गाली देने का क्या मतलब है? आपकी ही सरकार ने इन लोगों को वीज़ा दिया है। अगर आपको उनके यहां आने या रहने से कोई दिक़्क़त है, तो उन लोगों से बात करें जिन्होंने उन्हें देश में आने दिया।"

बेवकूफ लोग ही ऑनलाइन नस्लवादी टिप्पणियाँ करते हैं

X  के कई यूज़र्स ने इस वायरल वीडियो को सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रूबियो को भी टैग किया है। बता दें कि अपनी भारत यात्रा के दौरान रूबियो ने कहा था कि बेवकूफ लोग ही ऑनलाइन इस तरह की नस्लवादी टिप्पणिया करते हैं। "मुझे नहीं पता कि इस बात का जवाब कैसे दूं, लेकिन मैं इन टिप्पणियों को बहुत गंभीरता से लूंगा। मुझे यकीन है कि ऐसे लोग हैं जिन्होंने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर टिप्पणियां की हैं।" "दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं। मुझे यकीन है कि यहां भी बेवकूफ लोग हैं। यूनाइटेड स्टेट्स में भी बेवकूफ लोग हैं जो हर समय बेवकूफी भरी टिप्पणियां करते रहते हैं।

म्यूजिक प्रोड्यूसर ने शेयर किया है वीडियो

इस वायरल वीडियो को एक वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल (@AyTone4th) ने पोस्ट किया था, जो खुद को एक म्यूज़िक प्रोड्यूसर बताता है। हाल ही में इस व्यक्ति ने एक भारतीय रेस्टोरेंट में जाकर 'गाय का गोबर' मांगा था।

पहले भी भारतीयों को करना पड़ा नस्लीय भेदभाव का सामना

बता दें कि यह पहला मामला नही है जब भारतीयों को निशाना बनाया गया ऐसे कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स है जो भारतीयों को आए दिन निशाना बनाते है। 28 जनवरी 2026 को नस्लीय भेदभाव का एक मामला दर्ज किया था जिसमें भारतीय मूल के तीन डॉक्टरों ने नॉर्थईस्ट जॉर्जिया हेल्थ सिस्टम (NGHS) और तीन अन्य मेडिकल समूहों पर नस्लभेद का आरोप लगाया था। डॉक्टरों ने आरोप लगाया था कि उनके साथ उनके भारतीय होने की वजह से भेदभाव किया गया।

उन्होंने कहा कि उनकी कार्यक्षमता पर सवाल उठाए गए और उनके काम में जानबूझकर रुकावटें डाली गईं। एम9 की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. कपिल पारीक, डॉ. ज्योति मानेकर और डॉ. अनिशा पटेल ने चार अमेरिकी मेडिकल समूहों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

पालक पनीर को लेकर हुआ विवाद

ऐसा ही एक विवाद अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पालक पनीर को लेकर हुआ और भारतीय छात्रों को मुआवजे में यूनिवर्सिटी ने न केवल 2 लाख डॉलर दिए बल्कि मास्टर डिग्री भी दी। हालांकि इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी ने भविष्य के लिए दोनों की पढ़ाई और नौकरी बैन कर दी और दोनों छात्रों को हमेशा के लिए भारत लौटना पड़ा।

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