गजब: भारत के इस लड़के ने यूक्रेन के शरणार्थियों के लिए बनाया ऐप

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(Image-Twitter-Tejas)
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नई दिल्ली: भारत एक ऐसा देश है जो मुसीबत में फंसे किसी भी देश को अपनी और से मदद करता है, इतना ही नहीं बल्कि यहां के बच्चे भी बड़े होनहार है, जो यूक्रेन की हर संभव मदद करने के लिए कार्य कर रहे है। ऐसा ही भारत का एक 15 साल के लड़के ने यूक्रेनी  शरणार्थियों के लिए एक ऐप बनाया है। यह ऐप से यूक्रेनी शरणार्थियों को जोड़ने में मदद करेगा और युद्धग्रस्त देश के पीड़ितों को राहत प्रदान करेगा। बता दें कि ऐप बनाने वाले  लड़के का नाम तेजस रविशंकर है जो सिकोइया इंडिया के प्रबंध निदेशक, जीवी रविशंकर के बेटे हैं। आइए जानते है आखिर ये ऐप कैसे काम करेगा.. 

केवल दो दिनों में किया ऐप तैयार 

दरअसल सॉफ्टवेयर डेवलपर तेजस ने केवल दो हफ्ते से भी कम समय में ऐप तैयार कर लिया। जब से यूक्रेन पर रूस का आक्रमण शुरू हुआ है, पूरी दुनिया यूक्रेन के लिए एकजुट हो रही है, जिसमें कई व्यक्ति और संगठन देश के लिए धन जुटाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। युद्ध के परिणामस्वरूप, लाखों लोगों को बेघर होना पड़ा है और पड़ोसी देशों में शरण लेने के लिए मजबूर किया गया। पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन की स्थिति बहुत ही भयावह है। 

कारगर साबित होगा ऐप 

आपको बता दें कि ऐप बनाने वाले तेजस ने गुरुवार को गूगल प्लेस्टोर के ऐप के लिंक के साथ ट्वीट किया जिसमें लिखा रिफ्यूज को लॉन्च कर रहे हैं, ये यूक्रेन में अपने घरों से विस्थापित लोगों की मदद करने के लिए है। रिफ्यूज वह जगह है जहां सहायता की पेशकश करने वाले व्यक्ति उन लोगों से जुड़ते हैं जिन्हें सहायता की आवश्यकता होती है। इस ऐप से कई यूक्रेनी शरणार्थियों को मदद होने वाली है।

कैसा काम करेगा ऐप 

रिफ्यूज ऐप के बारे में भी हम आपको बता दें कि इसके सॉफ्टवेयर में एक विश्व मैप शामिल है जिसका उपयोग निकटतम शरणार्थी सहायता के लिए स्थान का पता लगाने के लिए कर सकते हैं। साथ ही, दुनिया भर में, राष्ट्रीय आईडी-आधारित सत्यापन सुविधाएं, खाना, रहने के लिए सुरक्षित स्थान और दवाओं जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सूची तैयार की गई है। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति केवल दो टैप से मदद पा सकता है। इतना ही नहीं बल्कि ये 12 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है।

पिता ने दी बधाई 

बता दें कि तेजस के पिता जीवी रविशंकर ने अपने बेटे को ट्विटर पर उसकी उपलब्धि पर बधाई दी। आपको बता दें कि युद्ध से 10 मिलियन से अधिक यूक्रेनियन बेघर हो गए हैं, जिनमें से 3.5 मिलियन पहले ही देश से बाहर निकल चुके हैं और 6.5 मिलियन अपने घरों से भाग गए हैं लेकिन यूक्रेन में ही हैं। ऐसे में उनके मदद के लिए यह ऐप बनाया गया है। इस ऐप से कुछ हद तक यूक्रेनी लोगों को राहत मिलेगी। 

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