नेहरू और लेडी माउंटबेटन के पत्रों को क्यों वापस नहीं कर रहीं हैं सोनिया गांधी, क्या है असली राज
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने सोनिया गांधी पर जवाहरलाल नेहरू के एडविना माउंटबेटन को लिखे पत्रों को संग्रहालय से हटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूछा कि आखिर इन पत्रों में ऐसा क्या था जिसे गांधी परिवार देश से छिपाना चाहत
- Written By: विजय कुमार तिवारी
ऐसा कहा जाता है कि देश के पहले पीएम पंडित नेहरू और एडविना के संबंध काफी अच्छे थे। जब एडविना भारत से चली गईं तब भी दोनों के रिश्ते चर्चा में रहे। जब दोनों इस दुनिया में नहीं हैं, तब भी बहुत चर्चा हो रही है। आजादी के वक्त जब भारत के हालात बहुत क्रिटिकल थे तब नेहरू और एडविना की चर्चा होती थी। दोनों की फ्रेंडशिप वाली केमेस्ट्री को लव, अफेयर की नजर से भी देखा जाता रहा है। बहुत सारे फोटोग्राफ, चिट्ठियों की कहानियों को सबूत की तरह पेश किया जाता रहा है। बहुत सारी किताबों में रस लेकर दोनों के संबंधों के बारे में लिखा गया है। जिसके बारे में बहुत कुछ पब्लिक डोमेन में आज भी मौजूद है, लेकिनअचानक भारत सरकार को भी नेहरू-एडविना में दिलचस्पी होने लगी है और उनके पत्र मांगे जाने लगे हैं।
ऐसा कहा जाता है कि देश के पहले पीएम पंडित नेहरू और एडविना के संबंध काफी अच्छे थे। जब एडविना भारत से चली गईं तब भी दोनों के रिश्ते चर्चा में रहे। जब दोनों इस दुनिया में नहीं हैं, तब भी बहुत चर्चा हो रही है। आजादी के वक्त जब भारत के हालात बहुत क्रिटिकल थे तब नेहरू और एडविना की चर्चा होती थी। दोनों की फ्रेंडशिप वाली केमेस्ट्री को लव, अफेयर की नजर से भी देखा जाता रहा है। बहुत सारे फोटोग्राफ, चिट्ठियों की कहानियों को सबूत की तरह पेश किया जाता रहा है। बहुत सारी किताबों में रस लेकर दोनों के संबंधों के बारे में लिखा गया है। जिसके बारे में बहुत कुछ पब्लिक डोमेन में आज भी मौजूद है, लेकिनअचानक भारत सरकार को भी नेहरू-एडविना में दिलचस्पी होने लगी है और उनके पत्र मांगे जाने लगे हैं।
