मेरे खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश, इंटरव्यू में भावुक हुए बृजभूषण शरण सिंह; ‘दबदबे’ पर दिया बड़ा बयान- VIDEO
Brij Bhushan Sharan Singh: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने एक विशेष इंटरव्यू में अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव और हालिया विवादों पर खुलकर बात की है।
- Written By: मनोज आर्या
Brij Bhushan Sharan Singh Exclusive Interview: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने एक विशेष इंटरव्यू में अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव और हालिया विवादों पर खुलकर बात की है। अपने चर्चित बयान ‘दबदबा है और दबदबा रहेगा’ पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि ‘दबदबा’ शब्द का अर्थ नकारात्मक नहीं, बल्कि ‘प्रभाव’ से है। उन्होंने बताया कि यह शब्द अब इतना लोकप्रिय हो गया है कि क्रिकेट से लेकर फिल्मों तक इसका इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन इसकी पहचान उनके नाम से ही जुड़ी रहेगी। इंटरव्यू के दौरान बृजभूषण शरण सिंह काफी भावुक भी नजर आए। उन्होंने स्वीकार किया कि सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज की कथा के दौरान वे कई बार भावुक हुए थे। राज ठाकरे और उत्तर भारतीयों के प्रति उनकी राजनीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कमजोर लोगों को बेइज्जत करने का परिणाम चुनाव में सबके सामने है। इसके अलावा, उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को ‘राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साजिश’ करार दिया और एक शेर के जरिए अपने गहरे घावों का दर्द भी बयां किया। यह इंटरव्यू बृजभूषण शरण सिंह के एक नए और संवेदनशील पहलू को उजागर करता है।
Brij Bhushan Sharan Singh Exclusive Interview: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने एक विशेष इंटरव्यू में अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव और हालिया विवादों पर खुलकर बात की है। अपने चर्चित बयान ‘दबदबा है और दबदबा रहेगा’ पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि ‘दबदबा’ शब्द का अर्थ नकारात्मक नहीं, बल्कि ‘प्रभाव’ से है। उन्होंने बताया कि यह शब्द अब इतना लोकप्रिय हो गया है कि क्रिकेट से लेकर फिल्मों तक इसका इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन इसकी पहचान उनके नाम से ही जुड़ी रहेगी। इंटरव्यू के दौरान बृजभूषण शरण सिंह काफी भावुक भी नजर आए। उन्होंने स्वीकार किया कि सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज की कथा के दौरान वे कई बार भावुक हुए थे। राज ठाकरे और उत्तर भारतीयों के प्रति उनकी राजनीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कमजोर लोगों को बेइज्जत करने का परिणाम चुनाव में सबके सामने है। इसके अलावा, उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को ‘राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साजिश’ करार दिया और एक शेर के जरिए अपने गहरे घावों का दर्द भी बयां किया। यह इंटरव्यू बृजभूषण शरण सिंह के एक नए और संवेदनशील पहलू को उजागर करता है।
