वंदे मातरम पर आपत्ति किसे और क्यों? विधानसभा में गूंजी राजा भैया की दहाड़, सन्न रह गए सब!
Raghuraj Pratap Singh: यूपी विधानसभा में हाल ही में जारी सत्र के बीच तब सदन का माहोल एक-दम से बदल गया जब जनसत्ता दल के विधायक राजा भैया वंदे मातरम को लेकर बोलने उठे। देखिए ये वीडियो-
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
UP Vidhan Sabha News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदन में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब जनसत्ता दल के नेता राजा भैया ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान को लेकर तीखे सवाल दागे।, उन्होंने इस बात पर गहरा दुख और कष्ट व्यक्त किया कि जिस राष्ट्रगीत को गाते हुए खुदीराम बोस, मदन लाल ढींगरा और रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूल गए, आज उसे विवाद का विषय बनाया जा रहा है। राजा भैया ने सदन में सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए एक बड़ा खुलासा किया कि राष्ट्रगीत के गान के दौरान कुछ सदस्य मौन रहते हैं या जानबूझकर सदन के बाहर लॉबी में बैठे रहते हैं।
उन्होंने पूरे प्रदेश को संदेश देते हुए दो सीधे सवाल पूछे- ‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति किसे है और क्यों है? उन्होंने आगाह किया कि यदि आज राष्ट्रगीत का विरोध नहीं रुका, तो कल लोग राष्ट्रगान (जन गण मन) के शब्दों पर भी आपत्ति जताएंगे। अंत में, राजा भैया ने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव के समय यह जरूर देखें कि किसके मुंह पर ‘ताला’ लग जाता है और कौन गर्व से राष्ट्रगीत गाता है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान सभा ने ही इसे सर्वमान्य रूप से राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था।
UP Vidhan Sabha News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदन में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब जनसत्ता दल के नेता राजा भैया ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान को लेकर तीखे सवाल दागे।, उन्होंने इस बात पर गहरा दुख और कष्ट व्यक्त किया कि जिस राष्ट्रगीत को गाते हुए खुदीराम बोस, मदन लाल ढींगरा और रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूल गए, आज उसे विवाद का विषय बनाया जा रहा है। राजा भैया ने सदन में सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए एक बड़ा खुलासा किया कि राष्ट्रगीत के गान के दौरान कुछ सदस्य मौन रहते हैं या जानबूझकर सदन के बाहर लॉबी में बैठे रहते हैं।
उन्होंने पूरे प्रदेश को संदेश देते हुए दो सीधे सवाल पूछे- ‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति किसे है और क्यों है? उन्होंने आगाह किया कि यदि आज राष्ट्रगीत का विरोध नहीं रुका, तो कल लोग राष्ट्रगान (जन गण मन) के शब्दों पर भी आपत्ति जताएंगे। अंत में, राजा भैया ने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव के समय यह जरूर देखें कि किसके मुंह पर ‘ताला’ लग जाता है और कौन गर्व से राष्ट्रगीत गाता है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान सभा ने ही इसे सर्वमान्य रूप से राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था।
