ओशो को किसने मारा और क्या है जीवन और मृत्यु का रहस्य? जानिए ओशो से जुड़े अनसुलझी पहेलियों के उत्तर- VIDEO
जहां एक तरफ ओशो के चाहने वाले सन्यासी पूरे विश्व में हैं वहीं उनका जीवन अनेक मायनो में रहस्यों से भरा हुआ था। कई वर्षों तक उनके निकट रहे स्वामी आनंद अरूण ने नेपाल में तपोबन की स्थापना की।
- Written By: अभिषेक सिंह
नवभारत डेस्क: 19 जनवरी 1990 में पुणे के ओशो आश्रम में ओशो की मृत्यु हुई। इस घटना को 35 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उनकी मृत्यु को लेकर कई सवालों की गुत्थी अब तक खुली नहीं है। जहां एक तरफ ओशो के चाहने वाले सन्यासी पूरे विश्व में हैं वहीं उनका जीवन अनेक मायनो में रहस्यों से भरा हुआ था। कई वर्षों तक उनके निकट रहे स्वामी आनंद अरूण ने नेपाल में तपोबन की स्थापना की। उनका कहना है, कि ओशो का अस्थि कलश भी उनके पास है। हजारों लोगों को संन्यास दीक्षा देने वाले आनंद अरूण ने नवभारत की मल्टीमीडिया एडिटर प्रतिभा चंद्रन से खास बातचीत की है। जिसमें उन्होंने ओशो के जीवन और मृत्यु के कई रहस्य साझा किए हैं। यह वीडियो पूरा देखने से ओशो के विषय में आपके दिमाग में चल रहे कई प्रश्न का हल मिल जाएगा।
नवभारत डेस्क: 19 जनवरी 1990 में पुणे के ओशो आश्रम में ओशो की मृत्यु हुई। इस घटना को 35 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उनकी मृत्यु को लेकर कई सवालों की गुत्थी अब तक खुली नहीं है। जहां एक तरफ ओशो के चाहने वाले सन्यासी पूरे विश्व में हैं वहीं उनका जीवन अनेक मायनो में रहस्यों से भरा हुआ था। कई वर्षों तक उनके निकट रहे स्वामी आनंद अरूण ने नेपाल में तपोबन की स्थापना की। उनका कहना है, कि ओशो का अस्थि कलश भी उनके पास है। हजारों लोगों को संन्यास दीक्षा देने वाले आनंद अरूण ने नवभारत की मल्टीमीडिया एडिटर प्रतिभा चंद्रन से खास बातचीत की है। जिसमें उन्होंने ओशो के जीवन और मृत्यु के कई रहस्य साझा किए हैं। यह वीडियो पूरा देखने से ओशो के विषय में आपके दिमाग में चल रहे कई प्रश्न का हल मिल जाएगा।
