White House Statement on India: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के एक ताजा बयान ने भारत की राजनीति और सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है।लेविट ने कहा कि ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत इसलिए दी है क्योंकि भारत एक गुड एक्टर रहा है और अमेरिका की बातों को मानता है। लेविट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के कहने पर पहले भी रूस से तेल खरीदना बंद किया था और वर्तमान में वैश्विक तेल आपूर्ति संकट को देखते हुए अमेरिका ने भारत को अस्थाई तौर पर तेल खरीदने की मंजूरी दी है। इस बयान को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने “आत्मसमर्पण” कर दिया है और भारत की संप्रभुता (Sovereignty) खतरे में है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या भारत अब अपनी विदेश और व्यापार नीति अमेरिका के इशारे पर तय कर रहा है? विपक्षी नेताओं का कहना है कि भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसे किसी देश से “इजाजत” लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, फिर भी सरकार इस “अपमान” पर चुप्पी साधे हुए है।
White House Statement on India: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के एक ताजा बयान ने भारत की राजनीति और सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है।लेविट ने कहा कि ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत इसलिए दी है क्योंकि भारत एक गुड एक्टर रहा है और अमेरिका की बातों को मानता है। लेविट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के कहने पर पहले भी रूस से तेल खरीदना बंद किया था और वर्तमान में वैश्विक तेल आपूर्ति संकट को देखते हुए अमेरिका ने भारत को अस्थाई तौर पर तेल खरीदने की मंजूरी दी है। इस बयान को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने “आत्मसमर्पण” कर दिया है और भारत की संप्रभुता (Sovereignty) खतरे में है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या भारत अब अपनी विदेश और व्यापार नीति अमेरिका के इशारे पर तय कर रहा है? विपक्षी नेताओं का कहना है कि भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसे किसी देश से “इजाजत” लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, फिर भी सरकार इस “अपमान” पर चुप्पी साधे हुए है।