PM मोदी के हुगली दौरे के बाद क्या बदला माहौल? महिलाओं ने सुरक्षा पर उठाए सवाल, युवाओं ने मांगा रोजगार
Bengal Election: हुगली के किनारे जनता का मूड! दीदी के काम बनाम मोदी का चेहरा, जानें बंगाल की जनता इस बार किसे चुनेगी। सुरक्षा और रोजगार बने मुख्य चुनावी मुद्दे।
- Written By: सजल रघुवंशी
Hooghly River Ground Report: पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच हुगली नदी के तट पर राजनीतिक पारा बढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हुगली दौरे के बाद स्थानीय लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। जहां एक ओर कुछ लोग ममता बनर्जी (दीदी) की योजनाओं जैसे ‘कन्याश्री’ और ‘लक्ष्मी भंडार’ की तारीफ करते हुए उनके चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और युवाओं में सुरक्षा और रोजगार को लेकर नाराजगी है। ग्राउंड रिपोर्ट में यह सामने आया कि कुछ वोटर्स शिक्षा, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ‘परिवर्तन’ की बात कह रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां तृणमूल कांग्रेस के समर्थक इसे एकतरफा मुकाबला मान रहे हैं, वहीं युवाओं का मानना है कि रोजगार के अवसरों की कमी के कारण बदलाव जरूरी है। हुगली के किनारे हुई इस बातचीत से स्पष्ट है कि बंगाल में मुकाबला काफी कड़ा है और मतदाता विकास बनाम लोक-लुभावन योजनाओं के बीच फैसला करेंगे।
Hooghly River Ground Report: पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच हुगली नदी के तट पर राजनीतिक पारा बढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हुगली दौरे के बाद स्थानीय लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। जहां एक ओर कुछ लोग ममता बनर्जी (दीदी) की योजनाओं जैसे ‘कन्याश्री’ और ‘लक्ष्मी भंडार’ की तारीफ करते हुए उनके चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और युवाओं में सुरक्षा और रोजगार को लेकर नाराजगी है। ग्राउंड रिपोर्ट में यह सामने आया कि कुछ वोटर्स शिक्षा, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ‘परिवर्तन’ की बात कह रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां तृणमूल कांग्रेस के समर्थक इसे एकतरफा मुकाबला मान रहे हैं, वहीं युवाओं का मानना है कि रोजगार के अवसरों की कमी के कारण बदलाव जरूरी है। हुगली के किनारे हुई इस बातचीत से स्पष्ट है कि बंगाल में मुकाबला काफी कड़ा है और मतदाता विकास बनाम लोक-लुभावन योजनाओं के बीच फैसला करेंगे।
