बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता की महिलाओं ने भरी हुंकार, हजार रुपये नहीं, हमें सुरक्षा और रोजगार चाहिए- VIDEO
West Bengal Election: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान पीएम मोदी के कोलकाता रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी, जहां विशेष रूप से महिलाओं ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर अपनी राय रखी।
- Written By: मनोज आर्या
West Bengal Election 2026 Ground Report: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी, जहां विशेष रूप से महिलाओं ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखी। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, कई महिलाओं ने ममता बनर्जी सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी वित्तीय सहायता योजनाओं को ठुकराते हुए कहा कि उन्हें “भीख” के रूप में मिलने वाले ₹500 या ₹1000 नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान चाहिए। महिलाओं का आरोप है कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें रात के समय बाहर निकलने में डर लगता है। बातचीत के दौरान महिलाओं ने उत्तर प्रदेश और बिहार के उदाहरण देते हुए बंगाल में भी ‘बुलडोजर बाबा’ (योगी आदित्यनाथ) जैसे कड़े शासन की मांग की। उनका मानना है कि यूपी में भाजपा सरकार आने के बाद जिस तरह गुंडागर्दी खत्म हुई और महिलाएं सुरक्षित हुईं, वैसा ही बदलाव बंगाल में भी जरूरी है। रोजगार के मुद्दे पर युवाओं और उनके अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी भत्तों के बजाय शिक्षित युवाओं को काम और अवसर मिलने चाहिए।
West Bengal Election 2026 Ground Report: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी, जहां विशेष रूप से महिलाओं ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखी। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, कई महिलाओं ने ममता बनर्जी सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी वित्तीय सहायता योजनाओं को ठुकराते हुए कहा कि उन्हें “भीख” के रूप में मिलने वाले ₹500 या ₹1000 नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान चाहिए। महिलाओं का आरोप है कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें रात के समय बाहर निकलने में डर लगता है। बातचीत के दौरान महिलाओं ने उत्तर प्रदेश और बिहार के उदाहरण देते हुए बंगाल में भी ‘बुलडोजर बाबा’ (योगी आदित्यनाथ) जैसे कड़े शासन की मांग की। उनका मानना है कि यूपी में भाजपा सरकार आने के बाद जिस तरह गुंडागर्दी खत्म हुई और महिलाएं सुरक्षित हुईं, वैसा ही बदलाव बंगाल में भी जरूरी है। रोजगार के मुद्दे पर युवाओं और उनके अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी भत्तों के बजाय शिक्षित युवाओं को काम और अवसर मिलने चाहिए।
