बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता की जनता के बीच पहुंंचा ‘नवभारत’, जानें ममता के गढ़ में क्या है चुनावी मिजाज- VIDEO
West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर कोलकाता के ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के पास जनता की नब्ज टटोलने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
- Written By: मनोज आर्या
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर कोलकाता के ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के पास जनता की नब्ज टटोलने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के बीच हुई बातचीत में बदलाव की सुगबुगाहट और वर्तमान सरकार के प्रति वफादारी, दोनों ही स्वर सुनाई दिए। कुछ युवाओं और शिक्षित वर्ग का मानना है कि कोलकाता में आर्थिक विकास और व्यापारिक वृद्धि की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके लिए वे शासन में बदलाव को जरूरी मानते हैं। उनका तर्क है कि ‘परिवर्तन’ ही प्रकृति का नियम है और राज्य को अब अपडेट होने की जरूरत है। दूसरी ओर, महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कोलकाता की महिलाओं ने ममता सरकार का पुरजोर समर्थन किया है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे देर रात भी शहर में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्होंने दिल्ली या मुंबई की तुलना में कोलकाता को सबसे सुरक्षित बताया। संदेशखाली जैसी घटनाओं पर विपक्ष के हमलों के जवाब में कुछ नागरिकों ने मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए।
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर कोलकाता के ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के पास जनता की नब्ज टटोलने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के बीच हुई बातचीत में बदलाव की सुगबुगाहट और वर्तमान सरकार के प्रति वफादारी, दोनों ही स्वर सुनाई दिए। कुछ युवाओं और शिक्षित वर्ग का मानना है कि कोलकाता में आर्थिक विकास और व्यापारिक वृद्धि की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके लिए वे शासन में बदलाव को जरूरी मानते हैं। उनका तर्क है कि ‘परिवर्तन’ ही प्रकृति का नियम है और राज्य को अब अपडेट होने की जरूरत है। दूसरी ओर, महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कोलकाता की महिलाओं ने ममता सरकार का पुरजोर समर्थन किया है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे देर रात भी शहर में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्होंने दिल्ली या मुंबई की तुलना में कोलकाता को सबसे सुरक्षित बताया। संदेशखाली जैसी घटनाओं पर विपक्ष के हमलों के जवाब में कुछ नागरिकों ने मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए।
