दिवाली के पहले मध्यवर्ग का निकल रहा दिवाला, खाने की थाली से हरी सब्जी हो रही गायब
दिवाली के त्यौहार के पहले बढ़ती कीमतों और महंगी सब्जियों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लोगों का बजट बिगड़ने लगा है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
दशहरे के बाद दिवाली के त्यौहार के पहले खाने पीने के सामानों और सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से आम उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। इतना ही नहीं इसका असर सब्जी मंडियों व थोक बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। एक व्यापारी ने कहा कि जो आलू-प्याज-टमाटर सामान उन्हें पहले आधे दाम पर मिलता था, वह अब दोगुने रेट से मिल रहा है। यह हाल थोक बाजार का है तो फुटकर विक्रेता और भी अधिक कीमत वसूल कर रहे होंगे। लोगों का कहना है कि दीपावली के पहले उपभोक्ताओं का पूरा बजट बिगड़ नजर आ रहा है। यही हाल रहा तो खाने की थाली से हरी सब्जी गायब हो जाएगी।
दशहरे के बाद दिवाली के त्यौहार के पहले खाने पीने के सामानों और सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से आम उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। इतना ही नहीं इसका असर सब्जी मंडियों व थोक बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। एक व्यापारी ने कहा कि जो आलू-प्याज-टमाटर सामान उन्हें पहले आधे दाम पर मिलता था, वह अब दोगुने रेट से मिल रहा है। यह हाल थोक बाजार का है तो फुटकर विक्रेता और भी अधिक कीमत वसूल कर रहे होंगे। लोगों का कहना है कि दीपावली के पहले उपभोक्ताओं का पूरा बजट बिगड़ नजर आ रहा है। यही हाल रहा तो खाने की थाली से हरी सब्जी गायब हो जाएगी।
