वाराणसी की दालमंडी में बुलडोजर एक्शन, जर्जर भवनों पर चला नगर निगम का पंजा; पुलिस छावनी में तब्दील इलाका
Varanasi Dalmandi Bulldozer Action: वाराणसी के प्रसिद्ध व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी में प्रशासन ने जर्जर घोषित किए गए भवनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
Varanasi Dalmandi Bulldozer Action: वाराणसी के प्रसिद्ध व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी में प्रशासन ने जर्जर घोषित किए गए भवनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में नगर निगम की टीम नई सड़क की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन इमारतों को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित कर दिया गया था, उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आरएएफ और सिविल पुलिस के साथ बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि यह कार्यवाही फिलहाल मैनुअल तरीके से शुरू की गई है और जरूरत पड़ने पर जेसीबी मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। दालमंडी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस एक्शन के कारण ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया है। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और चिन्हित किए गए सभी जर्जर भवनों को हटाने का कार्य लगातार जारी रहेगा।
Varanasi Dalmandi Bulldozer Action: वाराणसी के प्रसिद्ध व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी में प्रशासन ने जर्जर घोषित किए गए भवनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में नगर निगम की टीम नई सड़क की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन इमारतों को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित कर दिया गया था, उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आरएएफ और सिविल पुलिस के साथ बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि यह कार्यवाही फिलहाल मैनुअल तरीके से शुरू की गई है और जरूरत पड़ने पर जेसीबी मशीनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। दालमंडी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस एक्शन के कारण ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया है। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और चिन्हित किए गए सभी जर्जर भवनों को हटाने का कार्य लगातार जारी रहेगा।
