सदन में देशभक्ति पर संग्राम! राहुल गांधी ने उठाए चीनी टैंकों का मुद्दा, तो हुआ भारी हंगामा- VIDEO
Rahul Gandhi: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी और सत्ता पक्ष के बीच चीनी घुसपैठ और पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरणों को लेकर तीखा टकराव देखने को मिला।
- Written By: मनोज आर्या
Rahul Gandhi Speech In Lok Sabha: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सत्ता पक्ष के बीच चीनी घुसपैठ और पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरणों (Memoirs) को लेकर तीखा टकराव देखने को मिला। सदन की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब और एक मैगजीन लेख का हवाला देते हुए चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि डोकलाम विवाद और कैलाश रेंज पर चीनी टैंक भारतीय सीमा के बेहद करीब आ गए थे। उन्होंने सत्ता पक्ष द्वारा कांग्रेस की देशभक्ति पर उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए इस मुद्दे को उठाना चाहा। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस पुस्तक का राहुल गांधी जिक्र कर रहे हैं, वह कभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने व्यवस्था देते हुए कहा कि जो दस्तावेज ऑथेंटिक (प्रमाणित) नहीं हैं या प्रकाशित नहीं हुए हैं, उन्हें सदन के पटल पर कोट नहीं किया जा सकता।
Rahul Gandhi Speech In Lok Sabha: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सत्ता पक्ष के बीच चीनी घुसपैठ और पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरणों (Memoirs) को लेकर तीखा टकराव देखने को मिला। सदन की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब और एक मैगजीन लेख का हवाला देते हुए चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि डोकलाम विवाद और कैलाश रेंज पर चीनी टैंक भारतीय सीमा के बेहद करीब आ गए थे। उन्होंने सत्ता पक्ष द्वारा कांग्रेस की देशभक्ति पर उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए इस मुद्दे को उठाना चाहा। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस पुस्तक का राहुल गांधी जिक्र कर रहे हैं, वह कभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने व्यवस्था देते हुए कहा कि जो दस्तावेज ऑथेंटिक (प्रमाणित) नहीं हैं या प्रकाशित नहीं हुए हैं, उन्हें सदन के पटल पर कोट नहीं किया जा सकता।
