UPPSC Staff Nurse Protest: यूपी में स्टाफ नर्स के पदों पर चयन के बावजूद नियुक्ति न मिलने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। वर्ष 2023 की इस भर्ती में कठिन परीक्षा पास करने वाले करीब 1300 अभ्यर्थी पिछले तीन साल से जॉइनिंग लेटर का इंतजार कर रहे हैं और अब नियुक्ति के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित स्टाफ नर्स भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। लखनऊ स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा अपनी मेहनत से पास की है और इसमें किसी प्रकार का कोई अनुचित साधन नहीं अपनाया गया है। इसके बावजूद, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उन्हें जॉइनिंग लेटर नहीं दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि वे विभाग का ‘घेराव’ करने नहीं, बल्कि प्रशासन से एक निश्चित तारीख मांगने आए हैं कि उन्हें नियुक्ति कब मिलेगी।
प्रदर्शनकारी नर्सों ने भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का उदाहरण दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब 60,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती इतनी तेजी से पूरी की जा सकती है, तो मात्र 1,300 स्टाफ नर्सों की जॉइनिंग में इतनी देरी क्यों हो रही है? उन्होंने जोर देकर कहा कि मेडिकल सेवाएं ‘इमरजेंसी’ श्रेणी में आती हैं और किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में नर्सों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, जिसे विभाग को गंभीरता से समझना चाहिए।
UPPSC Staff Nurse Protest: यूपी में स्टाफ नर्स के पदों पर चयन के बावजूद नियुक्ति न मिलने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। वर्ष 2023 की इस भर्ती में कठिन परीक्षा पास करने वाले करीब 1300 अभ्यर्थी पिछले तीन साल से जॉइनिंग लेटर का इंतजार कर रहे हैं और अब नियुक्ति के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित स्टाफ नर्स भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। लखनऊ स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा अपनी मेहनत से पास की है और इसमें किसी प्रकार का कोई अनुचित साधन नहीं अपनाया गया है। इसके बावजूद, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उन्हें जॉइनिंग लेटर नहीं दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि वे विभाग का ‘घेराव’ करने नहीं, बल्कि प्रशासन से एक निश्चित तारीख मांगने आए हैं कि उन्हें नियुक्ति कब मिलेगी।
प्रदर्शनकारी नर्सों ने भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का उदाहरण दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब 60,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती इतनी तेजी से पूरी की जा सकती है, तो मात्र 1,300 स्टाफ नर्सों की जॉइनिंग में इतनी देरी क्यों हो रही है? उन्होंने जोर देकर कहा कि मेडिकल सेवाएं ‘इमरजेंसी’ श्रेणी में आती हैं और किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में नर्सों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, जिसे विभाग को गंभीरता से समझना चाहिए।