Shankaracharya Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिगत समीकरणों और ब्राह्मणों की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने राजनीति में जातिवाद के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक दल एक तरफ जातिवाद खत्म करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता में बने रहने के लिए जातियों में बांटने की राजनीति कर रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से यह चर्चा तेज है कि ब्राह्मणों को अपमानित किया जा रहा है और एक विशेष जाति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सनातन धर्म की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति केवल अपनी जाति को लेकर चलता है और अन्य को साथ नहीं रखता, वह सच्चा सनातनी या सच्चा हिंदू नहीं हो सकता। उनके अनुसार, जिस प्रकार शरीर के बिना सिर का कोई अस्तित्व नहीं है, उसी प्रकार समाज के चारों वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) को साथ लेकर चलना ही वास्तविक सनातन धर्म है। उन्होंने राजनीतिज्ञों को चेतावनी दी कि जातियों में बांटकर सत्ता पाने की कोशिश से समाज का केवल नुकसान ही होता है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिगत समीकरणों और ब्राह्मणों की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने राजनीति में जातिवाद के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक दल एक तरफ जातिवाद खत्म करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता में बने रहने के लिए जातियों में बांटने की राजनीति कर रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से यह चर्चा तेज है कि ब्राह्मणों को अपमानित किया जा रहा है और एक विशेष जाति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सनातन धर्म की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति केवल अपनी जाति को लेकर चलता है और अन्य को साथ नहीं रखता, वह सच्चा सनातनी या सच्चा हिंदू नहीं हो सकता। उनके अनुसार, जिस प्रकार शरीर के बिना सिर का कोई अस्तित्व नहीं है, उसी प्रकार समाज के चारों वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) को साथ लेकर चलना ही वास्तविक सनातन धर्म है। उन्होंने राजनीतिज्ञों को चेतावनी दी कि जातियों में बांटकर सत्ता पाने की कोशिश से समाज का केवल नुकसान ही होता है।