अब यह छात्रों का आंदोलन नहीं रहा! NEET प्रदर्शन पर UP के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का बड़ा बयान, देखें VIDEO
NEET Protest Politics: नीट प्रदर्शन को लेकर मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन अब राष्ट्रविरोधी तत्वों व अखिलेश-राहुल जैसे नेताओं के हाथ में चला गया है।
- Written By: अमन मौर्या
Yogendra Upadhyay Statement On NEET: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले पर चल रहे छात्र आंदोलन और राजनीति को लेकर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने ‘नव भारत’ से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन अब यह प्रदर्शन छात्रों का न रहकर अराष्ट्रीय व असामाजिक तत्वों और विपक्षी दलों के हाथ में चला गया है। मंत्री का कहना है कि भाजपा सरकार में पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई की जाती है और अपराधियों को सजा दी जाती है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं और इस आंदोलन के जरिए फिर से आधार तलाश रहे हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज पर मंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर के बजाय संसद की ओर कूच करने और पुलिस पर हमला करने के कारण ही दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि जनता सब जानती है। इस राजनीतिक आंदोलन का 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
Yogendra Upadhyay Statement On NEET: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले पर चल रहे छात्र आंदोलन और राजनीति को लेकर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने ‘नव भारत’ से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन अब यह प्रदर्शन छात्रों का न रहकर अराष्ट्रीय व असामाजिक तत्वों और विपक्षी दलों के हाथ में चला गया है। मंत्री का कहना है कि भाजपा सरकार में पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई की जाती है और अपराधियों को सजा दी जाती है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं और इस आंदोलन के जरिए फिर से आधार तलाश रहे हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज पर मंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर के बजाय संसद की ओर कूच करने और पुलिस पर हमला करने के कारण ही दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि जनता सब जानती है। इस राजनीतिक आंदोलन का 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
