Mata Prasad Pandey Speech: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई, जब नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने फर्जी एनकाउंटर के आरोपों से लेकर सनातन धर्म की वास्तविक परिभाषा तक, कई मोर्चों पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए संवैधानिक मर्यादाओं की याद दिलाई।
सदन को संबोधित करते हुए माता प्रसाद पांडेय ने राज्य में हो रहे एनकाउंटरों की प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच के संवैधानिक संतुलन का हवाला देते हुए कहा कि आजकल न्यायपालिका को बार-बार कार्यपालिका के कामों में हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। उन्होंने एनकाउंटर को “पकड़ कर पैर में गोली मारने” की प्रक्रिया बताते हुए सवाल किया कि यह कैसा एनकाउंटर है जिसमें सिपाही को खरोंच तक नहीं आती, लेकिन आरोपी मर जाता है या घायल हो जाता है।
Mata Prasad Pandey Speech: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई, जब नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने फर्जी एनकाउंटर के आरोपों से लेकर सनातन धर्म की वास्तविक परिभाषा तक, कई मोर्चों पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए संवैधानिक मर्यादाओं की याद दिलाई।
सदन को संबोधित करते हुए माता प्रसाद पांडेय ने राज्य में हो रहे एनकाउंटरों की प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच के संवैधानिक संतुलन का हवाला देते हुए कहा कि आजकल न्यायपालिका को बार-बार कार्यपालिका के कामों में हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। उन्होंने एनकाउंटर को “पकड़ कर पैर में गोली मारने” की प्रक्रिया बताते हुए सवाल किया कि यह कैसा एनकाउंटर है जिसमें सिपाही को खरोंच तक नहीं आती, लेकिन आरोपी मर जाता है या घायल हो जाता है।