UP Primary School Teacher Viral Video: शिक्षा को समाज की वह नींव माना जाता है, जिस पर देश का भविष्य टिका होता है। लेकिन जब शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों से ही ऐसी तस्वीरें सामने आएं जो मर्यादा को तार-तार कर दें, तो सवाल उठना लाजिमी है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक सरकारी स्कूल के शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे मजदूरी करवा रहे हैं। यह घटना न केवल गुरु-शिष्य परंपरा का अपमान है, बल्कि उन मासूमों के अधिकारों पर भी एक बड़ा प्रहार है जो बेहतर भविष्य के सपने लेकर स्कूल की दहलीज लांघते हैं।
यह पूरा मामला उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर का बताया जा रहा है। 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो बिजली की गति से वायरल हुआ, जिसमें एक छोटा बच्चा स्कूल परिसर के बाहर झाड़ू लगाता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो की सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि जहाँ बच्चों के हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, वहां मास्टर साहब ने उन्हें सफाई के काम में लगा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिक्षक खुद को किसी ‘नवाब’ से कम नहीं समझते और बच्चों को अपने नौकरों की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही अभिभावकों और आम जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
UP Primary School Teacher Viral Video: शिक्षा को समाज की वह नींव माना जाता है, जिस पर देश का भविष्य टिका होता है। लेकिन जब शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों से ही ऐसी तस्वीरें सामने आएं जो मर्यादा को तार-तार कर दें, तो सवाल उठना लाजिमी है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक सरकारी स्कूल के शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे मजदूरी करवा रहे हैं। यह घटना न केवल गुरु-शिष्य परंपरा का अपमान है, बल्कि उन मासूमों के अधिकारों पर भी एक बड़ा प्रहार है जो बेहतर भविष्य के सपने लेकर स्कूल की दहलीज लांघते हैं।
यह पूरा मामला उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर का बताया जा रहा है। 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो बिजली की गति से वायरल हुआ, जिसमें एक छोटा बच्चा स्कूल परिसर के बाहर झाड़ू लगाता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो की सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि जहाँ बच्चों के हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, वहां मास्टर साहब ने उन्हें सफाई के काम में लगा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिक्षक खुद को किसी ‘नवाब’ से कम नहीं समझते और बच्चों को अपने नौकरों की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही अभिभावकों और आम जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।