‘वंदे मातरम’ न गाने वाले भारतीय नहीं, डॉक्टर बनकर और खतरनाक हुए आतंकी, CM सरमा का बड़ा बयान
Delhi Blast: असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जो 'वंदे मातरम' नहीं गाते, वो भारत मां को मां नहीं मानते। उन्होंने शिक्षित आतंकियों और गिरफ्तार डॉक्टर के 'लव जिहाद' में शामिल होने पर चिंता जताई।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Assam CM on Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी नेटवर्क पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बेहद सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ नहीं गा सकते, वे कभी भारतीय नहीं हो सकते। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षित होने से आतंकवादी और अधिक खतरनाक बन जाते हैं, और गिरफ्तार डॉक्टर का उदाहरण दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने देश में सक्रिय चरमपंथी तत्वों पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ नहीं गाते हैं, वे लोग कभी भी भारतीय नहीं हो सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई व्यक्ति भारतीय नहीं हो सकता, तो वह कभी भी भारत मां को मां नहीं समझ सकता है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को देखते हुए कहा कि हमें निरंतर सतर्क रहना चाहिए।
शिक्षा से नहीं खत्म होता अतिवाद
सीएम सरमा ने शिक्षा और अतिवाद (एक्सट्रीमिसीजम) के बीच के संबंध पर अपनी पुरानी धारणा को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमें अभी तक यह सिखाया जाता था कि अगर लोग एजुकेटेड होगा, तो एक्सट्रीमिसीजम नहीं रहेगा, लेकिन अब यह सामने आया है कि एडुकेटेड होने से और डेंजरस हो जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि मन में ‘खोद’ (द्वेष) है, तो एडुकेटेड होने से भी वह लोग खराब काम ही करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि एडुकेटेड होने से वो लोग और ज्यादा बम बनाएगा। विशेष रूप से, सीएम ने कहा कि डॉक्टर बनने से (ऐसे लोग) और ज्यादा डेंजरस हो जाते हैं।
Assam CM on Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी नेटवर्क पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बेहद सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ नहीं गा सकते, वे कभी भारतीय नहीं हो सकते। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षित होने से आतंकवादी और अधिक खतरनाक बन जाते हैं, और गिरफ्तार डॉक्टर का उदाहरण दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने देश में सक्रिय चरमपंथी तत्वों पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ नहीं गाते हैं, वे लोग कभी भी भारतीय नहीं हो सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई व्यक्ति भारतीय नहीं हो सकता, तो वह कभी भी भारत मां को मां नहीं समझ सकता है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को देखते हुए कहा कि हमें निरंतर सतर्क रहना चाहिए।
शिक्षा से नहीं खत्म होता अतिवाद
सीएम सरमा ने शिक्षा और अतिवाद (एक्सट्रीमिसीजम) के बीच के संबंध पर अपनी पुरानी धारणा को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमें अभी तक यह सिखाया जाता था कि अगर लोग एजुकेटेड होगा, तो एक्सट्रीमिसीजम नहीं रहेगा, लेकिन अब यह सामने आया है कि एडुकेटेड होने से और डेंजरस हो जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि मन में ‘खोद’ (द्वेष) है, तो एडुकेटेड होने से भी वह लोग खराब काम ही करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि एडुकेटेड होने से वो लोग और ज्यादा बम बनाएगा। विशेष रूप से, सीएम ने कहा कि डॉक्टर बनने से (ऐसे लोग) और ज्यादा डेंजरस हो जाते हैं।
