आमने-सामने दो दिग्गज! स्वामी रामभद्राचार्य ने शंकराचार्य को लेकर कही ये बड़ी बात, धर्म जगत में मचा हड़कंप
Avimukteshwaranand Controversy: ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर बड़ा बयान दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy: ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया है। रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि वे स्वयं जगद्गुरु हैं, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अभी जगद्गुरु नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक परंपराओं और नियमों का पालन सभी को करना होता है। गंगा तट पर रथ से जाने की अनुमति नहीं होती और यदि पुलिस ने किसी को रोका है, तो नियमों का सम्मान करते हुए रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं संगम तक पैदल जाते हैं और इस मामले में किसी प्रकार के अन्याय की बात निराधार है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy: ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया है। रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि वे स्वयं जगद्गुरु हैं, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अभी जगद्गुरु नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक परंपराओं और नियमों का पालन सभी को करना होता है। गंगा तट पर रथ से जाने की अनुमति नहीं होती और यदि पुलिस ने किसी को रोका है, तो नियमों का सम्मान करते हुए रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं संगम तक पैदल जाते हैं और इस मामले में किसी प्रकार के अन्याय की बात निराधार है।
