Video: ममता सरकार के बजट पर सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला: ‘मां-माटी-मानुष’ की जगह ‘मौलवी-मदरसा’ पर मेहरबानी
West Bengal Budget: पश्चिम बंगाल बजट में मदरसों और अल्पसंख्यकों के लिए ₹5713 करोड़ के आवंटन पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ममता सरकार को तुष्टीकरण और विकास की अनदेखी के लिए घेरा है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Sudhanshu Trivedi on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल के हालिया बजट पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट में विकास को दरकिनार कर केवल एक विशेष वर्ग और मदरसों को खुश करने की कोशिश की गई है।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को “तुष्टीकरण की गहरी खाई” और विकास के नाम पर एक “विकृत झलक” करार दिया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए ममता सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने बताया कि जहां अल्पसंख्यक मामलों और मदरसों के लिए ₹5713 करोड़ आवंटित किए गए हैं, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के लिए मात्र ₹217 करोड़ का प्रावधान है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि जिस बंगाल की भूमि ने सत्येंद्रनाथ बोस और जगदीश चंद्र बोस जैसे प्रख्यात वैज्ञानिक दिए, वहां विज्ञान और अनुसंधान के लिए केवल ₹82 करोड़ आवंटित किए गए हैं। त्रिवेदी के अनुसार, उद्योग और वाणिज्य के लिए ₹10,400 करोड़ का आवंटन भी मदरसा सेक्टर के भारी-भरकम खर्च की तुलना में विकास के प्रति सरकार की “निर्ममता” को दर्शाता है।
Sudhanshu Trivedi on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल के हालिया बजट पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट में विकास को दरकिनार कर केवल एक विशेष वर्ग और मदरसों को खुश करने की कोशिश की गई है।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को “तुष्टीकरण की गहरी खाई” और विकास के नाम पर एक “विकृत झलक” करार दिया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए ममता सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने बताया कि जहां अल्पसंख्यक मामलों और मदरसों के लिए ₹5713 करोड़ आवंटित किए गए हैं, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के लिए मात्र ₹217 करोड़ का प्रावधान है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि जिस बंगाल की भूमि ने सत्येंद्रनाथ बोस और जगदीश चंद्र बोस जैसे प्रख्यात वैज्ञानिक दिए, वहां विज्ञान और अनुसंधान के लिए केवल ₹82 करोड़ आवंटित किए गए हैं। त्रिवेदी के अनुसार, उद्योग और वाणिज्य के लिए ₹10,400 करोड़ का आवंटन भी मदरसा सेक्टर के भारी-भरकम खर्च की तुलना में विकास के प्रति सरकार की “निर्ममता” को दर्शाता है।
