सोनम वांगचुक के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं सक्रिय, मोदी सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल-VIDEO
Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर, न्यूयॉर्क टाइम्स, रॉयटर्स और एपी की रिपोर्टों ने बढ़ाई चर्चा।
- Written By: वंदना शर्मा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक द्वारा की जा रही भूख हड़ताल और इस पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की प्रतिक्रिया पर आधारित है। सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं। यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कवरेज:
- न्यूयॉर्क टाइम्स की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वांगचुक की भूख हड़ताल ने युवाओं के आंदोलन को नई गति दी है।
- राइटर्स और वाशिंगटन ने अपनी एक पोस्ट में लिखा है कि इन मीडिया संस्थानों ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत और दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अधिकारियों को उनकी सेहत पर नज़र रखने के दिए गए निर्देशों पर चर्चा की है।
- एपी ने उल्लेख किया है कि भारत सरकार ने अब तक इन प्रदर्शनकारियों से कोई औपचारिक बातचीत नहीं की है और सरकारी नेताओं ने इस आंदोलन को खारिज किया है।
- अमेरिका स्थित संगठन ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने भी वांगचुक की सेहत पर चिंता जताई है और प्रधानमंत्री मोदी से प्रदर्शनकारियों से मिलने की अपील की है।
यह स्पष्ट किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस आंदोलन पर बारीक नज़र बनाए हुए है, जबकि केंद्र सरकार ने अब तक इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस वीडियो को देखे…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक द्वारा की जा रही भूख हड़ताल और इस पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की प्रतिक्रिया पर आधारित है। सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं। यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कवरेज:
- न्यूयॉर्क टाइम्स की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वांगचुक की भूख हड़ताल ने युवाओं के आंदोलन को नई गति दी है।
- राइटर्स और वाशिंगटन ने अपनी एक पोस्ट में लिखा है कि इन मीडिया संस्थानों ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत और दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अधिकारियों को उनकी सेहत पर नज़र रखने के दिए गए निर्देशों पर चर्चा की है।
- एपी ने उल्लेख किया है कि भारत सरकार ने अब तक इन प्रदर्शनकारियों से कोई औपचारिक बातचीत नहीं की है और सरकारी नेताओं ने इस आंदोलन को खारिज किया है।
- अमेरिका स्थित संगठन ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने भी वांगचुक की सेहत पर चिंता जताई है और प्रधानमंत्री मोदी से प्रदर्शनकारियों से मिलने की अपील की है।
यह स्पष्ट किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस आंदोलन पर बारीक नज़र बनाए हुए है, जबकि केंद्र सरकार ने अब तक इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस वीडियो को देखे…
