‘खुद कहें कि मैं पराक्रमी, वीर और तोप हूं तो हंसी आता है, भारत की विदेश नीति कमजोर…’: शंकराचार्य- VIDEO
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मालदीव जो कि अलग देश केवल नाम के लिए था भारत के साथ सदा से अच्छा व्यवहार था, लेकिन वो भी अब भारत को आंखें दिखाने लगा है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मालदीव जो कि अलग देश केवल नाम के लिए था भारत के साथ सदा से अच्छा व्यवहार था, लेकिन वो भी अब भारत को आंखें दिखाने लगा है। साथ ही उन्होंने भारत की विदेश नीति और ऑपपरेशन सिंदूर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, “भारत की विदेश नीति पूरी तरह विफल रही है। आज कोई भी देश हमारे साथ नहीं खड़ा दिखाई देता, जो दर्शाता है कि हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध सही नहीं रहे।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मालदीव जो कि अलग देश केवल नाम के लिए था भारत के साथ सदा से अच्छा व्यवहार था, लेकिन वो भी अब भारत को आंखें दिखाने लगा है। साथ ही उन्होंने भारत की विदेश नीति और ऑपपरेशन सिंदूर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, “भारत की विदेश नीति पूरी तरह विफल रही है। आज कोई भी देश हमारे साथ नहीं खड़ा दिखाई देता, जो दर्शाता है कि हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध सही नहीं रहे।”
