Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi Govt: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर योगी सरकार और भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोहरे पद (मठाधीश और मुख्यमंत्री) पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति संसार त्याग कर विरक्त हो चुका है, उसके लिए सांसारिक पद स्वीकार करना ‘थूक कर चाटने’ जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार गौ रक्षा के नाम पर केवल दिखावा कर रही है और प्रदेश की गौशालाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जहां गायें भूख से दम तोड़ रही हैं। शंकराचार्य ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पार्टी का ‘फेल्योर’ है कि अब विपक्षी दल हिंदू धर्म और गौ रक्षा के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए स्पष्ट किया कि वह उसी पार्टी का समर्थन करेंगे जो सनातनी विचारधारा और गौ माता की रक्षा का ठोस प्रस्ताव लाएगी, अन्यथा वे अपना उम्मीदवार खड़ा करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ‘चतुरंगिणी सेना’ के गठन की बात कही, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना होगा। उन्होंने आरएसएस के प्रचारकों पर भी तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग अकेले में कुछ और सार्वजनिक रूप से कुछ और कहते हैं, जो उनकी कथनी और करनी के अंतर को दर्शाता है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand on Yogi Govt: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर योगी सरकार और भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोहरे पद (मठाधीश और मुख्यमंत्री) पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति संसार त्याग कर विरक्त हो चुका है, उसके लिए सांसारिक पद स्वीकार करना ‘थूक कर चाटने’ जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार गौ रक्षा के नाम पर केवल दिखावा कर रही है और प्रदेश की गौशालाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जहां गायें भूख से दम तोड़ रही हैं। शंकराचार्य ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पार्टी का ‘फेल्योर’ है कि अब विपक्षी दल हिंदू धर्म और गौ रक्षा के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए स्पष्ट किया कि वह उसी पार्टी का समर्थन करेंगे जो सनातनी विचारधारा और गौ माता की रक्षा का ठोस प्रस्ताव लाएगी, अन्यथा वे अपना उम्मीदवार खड़ा करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ‘चतुरंगिणी सेना’ के गठन की बात कही, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना होगा। उन्होंने आरएसएस के प्रचारकों पर भी तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग अकेले में कुछ और सार्वजनिक रूप से कुछ और कहते हैं, जो उनकी कथनी और करनी के अंतर को दर्शाता है।