राम मंदिर, चंदा और जांच… शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक साथ उठाए कई बड़े सवाल-VIDEO
Shankaracharya Avimukteshwaranand Ram Mandir Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर, रामलला, कथित चंदा विवाद, एसआईटी जांच और गौ माता को राज्य माता बनाने की मांग पर बड़ा बयान दिया।
- Written By: वंदना शर्मा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती राम मंदिर और उससे जुड़े विभिन्न विवादों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपना एक तर्क मीडिया के सामने रखा है कि मंदिर का निर्माण रामलला विराजमान के संघर्ष और कानूनी जीत का परिणाम है। उनका कहना है कि मुख्य गर्भगृह और आसन पर केवल उन्हीं का हक है और वे किसी अन्य मूर्ति को स्वीकार नहीं करेंगे।
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी कथित चंदा चोरी के मामले पर बोलते हुए, उन्होंने सवाल उठाया कि प्रायश्चित करने से पहले पाप और पापी की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने इस बात की आलोचना की कि लोग चोरी के पैसे से पंडितों को दक्षिणा देकर प्रायश्चित का दिखावा कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेने और एसआईटी जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस संस्था ने ट्रस्ट बनाया है, उसी के अधीन सीबीआई और एसआईटी काम कर रही हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है। उन्होंने इस जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की निगरानी की मांग की है। उन्होंने ‘लखनऊ आह्वान’ का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा नहीं देती है, तो वे इसे लेकर आगे का आंदोलन जारी रखेंगे। इस वीडियो को पूरा जरूर देखें…
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती राम मंदिर और उससे जुड़े विभिन्न विवादों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपना एक तर्क मीडिया के सामने रखा है कि मंदिर का निर्माण रामलला विराजमान के संघर्ष और कानूनी जीत का परिणाम है। उनका कहना है कि मुख्य गर्भगृह और आसन पर केवल उन्हीं का हक है और वे किसी अन्य मूर्ति को स्वीकार नहीं करेंगे।
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी कथित चंदा चोरी के मामले पर बोलते हुए, उन्होंने सवाल उठाया कि प्रायश्चित करने से पहले पाप और पापी की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने इस बात की आलोचना की कि लोग चोरी के पैसे से पंडितों को दक्षिणा देकर प्रायश्चित का दिखावा कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेने और एसआईटी जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस संस्था ने ट्रस्ट बनाया है, उसी के अधीन सीबीआई और एसआईटी काम कर रही हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है। उन्होंने इस जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की निगरानी की मांग की है। उन्होंने ‘लखनऊ आह्वान’ का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा नहीं देती है, तो वे इसे लेकर आगे का आंदोलन जारी रखेंगे। इस वीडियो को पूरा जरूर देखें…
