Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से स्वास्थ्य विभाग को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। बागपत के असारा गांव निवासी उस्मान ने अपनी पत्नी कौशल को प्रसव पीड़ा होने पर शामली जिला अस्पताल में भर्ती कराना चाहा लेकिन अस्पताल स्टाफ ने कथित तौर पर महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों द्वारा इलाज न मिलने और ऑपरेशन का बहाना बनाए जाने के कारण महिला की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर खुले में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन अस्पताल की महिला स्टाफ पर संवेदनहीनता के आरोप लगा रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है। यह घटना सरकारी दावों और स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से स्वास्थ्य विभाग को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। बागपत के असारा गांव निवासी उस्मान ने अपनी पत्नी कौशल को प्रसव पीड़ा होने पर शामली जिला अस्पताल में भर्ती कराना चाहा लेकिन अस्पताल स्टाफ ने कथित तौर पर महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों द्वारा इलाज न मिलने और ऑपरेशन का बहाना बनाए जाने के कारण महिला की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर खुले में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन अस्पताल की महिला स्टाफ पर संवेदनहीनता के आरोप लगा रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है। यह घटना सरकारी दावों और स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत पर गंभीर सवाल खड़े करती है।