संसद में गूंजी शांभवी चौधरी की शायरी! विपक्ष पर कसा तंज, PM मोदी के ‘राजधर्म’ को बताया सबसे ऊपर- VIDEO
Shambhavi Choudhary: समस्तीपुर से युवा सांसद शांभवी चौधरी ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के फाइनेंस बिल पर चर्चा के दौरान अपने शायराना और ओजस्वी अंदाज़ से सबका ध्यान खींचा।
- Written By: मनोज आर्या
Shambhavi Choudhary Parliament Speech: समस्तीपुर से युवा सांसद शांभवी चौधरी ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के फाइनेंस बिल पर चर्चा के दौरान अपने शायराना और ओजस्वी अंदाज़ से सबका ध्यान खींचा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से बोलते हुए शांभवी ने बजट का पुरज़ोर समर्थन किया और इसे विकसित भारत का आईना बताया। उन्होंने नारी शक्ति के स्वर्णिम काल का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज देश की राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक महिलाएं हैं, जो देश की दिशा और नियति तय कर रही हैं। शांभवी ने आचार्य चाणक्य के श्लोकों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राजधर्म’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति की सराहना की। उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए एक शायरी के जरिए उनकी नकारात्मक राजनीति को घेरा। शांभवी ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी हुई है। उन्होंने इस बजट को बाबा साहेब अंबेडकर के समावेशी विजन और जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय का प्रतिबिंब करार दिया।
Shambhavi Choudhary Parliament Speech: समस्तीपुर से युवा सांसद शांभवी चौधरी ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के फाइनेंस बिल पर चर्चा के दौरान अपने शायराना और ओजस्वी अंदाज़ से सबका ध्यान खींचा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से बोलते हुए शांभवी ने बजट का पुरज़ोर समर्थन किया और इसे विकसित भारत का आईना बताया। उन्होंने नारी शक्ति के स्वर्णिम काल का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज देश की राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक महिलाएं हैं, जो देश की दिशा और नियति तय कर रही हैं। शांभवी ने आचार्य चाणक्य के श्लोकों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राजधर्म’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति की सराहना की। उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए एक शायरी के जरिए उनकी नकारात्मक राजनीति को घेरा। शांभवी ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी हुई है। उन्होंने इस बजट को बाबा साहेब अंबेडकर के समावेशी विजन और जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय का प्रतिबिंब करार दिया।
