अयोध्या मीट बैन पर भड़के शहाबुद्दीन रजवी, बोले- “प्रशासन को किचन में झांकने का हक नहीं, और…”
Ayodhya Meat Ban: अयोध्या प्रशासन द्वारा राम मंदिर और पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में मांस बिक्री और ऑनलाइन डिलीवरी पर रोक लगाने के फैसले को शहाबुद्दीन रजवी ने असंवैधानिक और गलत करार दिया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Shahabuddin Razvi on Meat Ban: अयोध्या में राम मंदिर के आसपास और पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में मांस की बिक्री और ऑनलाइन डिलीवरी पर प्रतिबंध के प्रशासनिक आदेश ने एक नई कानूनी और सामाजिक बहस छेड़ दी है। शहाबुद्दीन रजवी ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
अयोध्या जिला प्रशासन ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत राम मंदिर के आसपास और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के पास मांस की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इस आदेश में केवल दुकानों को बंद करना ही शामिल नहीं है, बल्कि मांस की ऑनलाइन डिलीवरी को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यह आदेश सरासर गलत है, क्योंकि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के हिसाब से खाने, पकाने और कपड़े पहनने की आजादी देता है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें लोगों के किचन में झांकने का अधिकार किसने दिया है।
Shahabuddin Razvi on Meat Ban: अयोध्या में राम मंदिर के आसपास और पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में मांस की बिक्री और ऑनलाइन डिलीवरी पर प्रतिबंध के प्रशासनिक आदेश ने एक नई कानूनी और सामाजिक बहस छेड़ दी है। शहाबुद्दीन रजवी ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
अयोध्या जिला प्रशासन ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत राम मंदिर के आसपास और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के पास मांस की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इस आदेश में केवल दुकानों को बंद करना ही शामिल नहीं है, बल्कि मांस की ऑनलाइन डिलीवरी को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यह आदेश सरासर गलत है, क्योंकि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के हिसाब से खाने, पकाने और कपड़े पहनने की आजादी देता है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें लोगों के किचन में झांकने का अधिकार किसने दिया है।
