Sanjay Singh Lok Sabha Speech: संसद के बजट सत्र में विपक्षी तेवर और तीखे होते जा रहे हैं। लोकसभा में ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार के ‘विकसित भारत’ पर कटाक्ष करते हुए तीखे सवाल पूछे। कवि अदम गोंडवी की पंक्तियों- “तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है” से अपनी बात शुरू करते हुए उन्होंने आंकड़ों के जरिए यह बताने की कोशिश की कि सरकार की मंशा ग्रामीण विकास को लेकर गंभीर नहीं है।
संजय सिंह ने सरकार द्वारा पेश किए गए 2026-27 के बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक तरफ ‘विकसित भारत’ की कल्पना करती है, लेकिन दूसरी तरफ ग्रामीण विकास के लिए कुल बजट का मात्र 3.6% हिस्सा ही आवंटित किया गया है।
सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ पर प्रहार करते हुए संजय सिंह ने इसे “जन जीवन अस्त-व्यस्त मिशन” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइप से पानी पहुँचाने के नाम पर गांव-गांव की सड़कें खोद दी गईं, जिससे ग्रामीणों का रास्ता और विकास दोनों बर्बाद हो गया। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा के ही एक विधायक, बृजेश राजपूत, का हवाला देते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के विधायक खुद अपनी सरकार के मंत्रियों का घेराव कर रहे हैं और इस योजना में जबरदस्त भ्रष्टाचार की बात स्वीकार कर रहे हैं।
Sanjay Singh Lok Sabha Speech: संसद के बजट सत्र में विपक्षी तेवर और तीखे होते जा रहे हैं। लोकसभा में ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार के ‘विकसित भारत’ पर कटाक्ष करते हुए तीखे सवाल पूछे। कवि अदम गोंडवी की पंक्तियों- “तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है” से अपनी बात शुरू करते हुए उन्होंने आंकड़ों के जरिए यह बताने की कोशिश की कि सरकार की मंशा ग्रामीण विकास को लेकर गंभीर नहीं है।
संजय सिंह ने सरकार द्वारा पेश किए गए 2026-27 के बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक तरफ ‘विकसित भारत’ की कल्पना करती है, लेकिन दूसरी तरफ ग्रामीण विकास के लिए कुल बजट का मात्र 3.6% हिस्सा ही आवंटित किया गया है।
सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ पर प्रहार करते हुए संजय सिंह ने इसे “जन जीवन अस्त-व्यस्त मिशन” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइप से पानी पहुँचाने के नाम पर गांव-गांव की सड़कें खोद दी गईं, जिससे ग्रामीणों का रास्ता और विकास दोनों बर्बाद हो गया। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा के ही एक विधायक, बृजेश राजपूत, का हवाला देते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के विधायक खुद अपनी सरकार के मंत्रियों का घेराव कर रहे हैं और इस योजना में जबरदस्त भ्रष्टाचार की बात स्वीकार कर रहे हैं।