राम, पीडीए और यूपी की राजनीति; सपा सांसद के बयान से सियासी संग्राम तेज- VIDEO
UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
Samajwadi Party MP Virendra Singh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सांसद ने कहा कि भगवान श्रीराम “वनवासी राम” के रूप में समाजवादी विचारधारा के प्रतीक थे और वनवास के दौरान उन्होंने पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की मदद ली। नवभारत से बातचीत में सांसद ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि भगवान राम ने वनवास के समय किसी राजा या सत्ता से सहायता नहीं ली, बल्कि निषादराज गुहा, कोल-भील समाज, शबरी, हनुमान और सुग्रीव जैसे समाज के हाशिए पर खड़े लोगों के साथ मिलकर संघर्ष किया। यही पीडीए की मूल भावना है।
Samajwadi Party MP Virendra Singh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सांसद ने कहा कि भगवान श्रीराम “वनवासी राम” के रूप में समाजवादी विचारधारा के प्रतीक थे और वनवास के दौरान उन्होंने पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की मदद ली। नवभारत से बातचीत में सांसद ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि भगवान राम ने वनवास के समय किसी राजा या सत्ता से सहायता नहीं ली, बल्कि निषादराज गुहा, कोल-भील समाज, शबरी, हनुमान और सुग्रीव जैसे समाज के हाशिए पर खड़े लोगों के साथ मिलकर संघर्ष किया। यही पीडीए की मूल भावना है।
