Saayoni Ghosh: ग्लैमर की दुनिया से सियासत के शिखर तक, कैसे बनीं ममता बनर्जी की ‘फायरब्रांड’ नेता? VIDEO
Sayoni Ghosh: बंगाल चुनाव में सयानी घोष महज वो स्टार प्रचारक नहीं हैं जिनकी वैल्यू मात्र सिनेमा कलाकार होने की वजह से होती है। इस कैटेगरी के सितारे टीएमसी नेता मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहां थीं।
- Written By: मनोज आर्या
TMC MP Sayoni Ghosh: इस बंगाल विधानसभा चुनाव में सयानी घोष महज वो स्टार प्रचारक नहीं हैं जिनकी स्टार वैल्यू मात्र सिनेमा कलाकार होने की वजह से होती है। इस कैटेगरी के सितारे टीएमसी नेता मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहां थीं। लेकिन सयानी घोष सीएम ममता बनर्जी की स्ट्रीट फाइटर वाली छवि को स्वयं भी जीती हैं। धारदार, सीधा वार और रूरल बंगाल से कनेक्ट उनके चुनाव प्रचार का स्टाइल है। वह स्टार प्रचारक ही नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस की नई पीढ़ी की आक्रामक चुनावी आवाज के रूप में सामने आई हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान में उनका प्रचार-सिस्टम पारंपरिक ‘स्टेज-स्पीच नेता वाला नहीं रहा, बल्कि यह पहचान-राजनीति, यूथ-मोबिलाइजेशन और नैरेटिव-कंट्रोल के मिले-जुले स्वरूप वाले एक राजनीतिक मॉडल के रूप में दिख रहा है। इस चुनाव में उनका सबसे बड़ा योगदान- तृणमूल कांग्रेस के उस संदेश को धार देना, जिसे ममता बनर्जी लंबे समय से ‘Banglar pokkhe lorai’ कहती रही हैं। सयानी घोष ने इस लाइन को युवाओं की भाषा में अनुवाद किया।
TMC MP Sayoni Ghosh: इस बंगाल विधानसभा चुनाव में सयानी घोष महज वो स्टार प्रचारक नहीं हैं जिनकी स्टार वैल्यू मात्र सिनेमा कलाकार होने की वजह से होती है। इस कैटेगरी के सितारे टीएमसी नेता मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहां थीं। लेकिन सयानी घोष सीएम ममता बनर्जी की स्ट्रीट फाइटर वाली छवि को स्वयं भी जीती हैं। धारदार, सीधा वार और रूरल बंगाल से कनेक्ट उनके चुनाव प्रचार का स्टाइल है। वह स्टार प्रचारक ही नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस की नई पीढ़ी की आक्रामक चुनावी आवाज के रूप में सामने आई हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान में उनका प्रचार-सिस्टम पारंपरिक ‘स्टेज-स्पीच नेता वाला नहीं रहा, बल्कि यह पहचान-राजनीति, यूथ-मोबिलाइजेशन और नैरेटिव-कंट्रोल के मिले-जुले स्वरूप वाले एक राजनीतिक मॉडल के रूप में दिख रहा है। इस चुनाव में उनका सबसे बड़ा योगदान- तृणमूल कांग्रेस के उस संदेश को धार देना, जिसे ममता बनर्जी लंबे समय से ‘Banglar pokkhe lorai’ कहती रही हैं। सयानी घोष ने इस लाइन को युवाओं की भाषा में अनुवाद किया।
