रीवा में ‘अनोखा’ विरोध: कलेक्टर के न आने पर आवारा कुत्ते को सौंपा ज्ञापन; 300 प्रदर्शनकारियों पर FIR
Rewa UGC Protest: रीवा में यूजीसी के नए प्रावधानों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर की अनुपस्थिति से नाराज लोगों ने एक कुत्ते को ज्ञापन सौंप दिया। पुलिस ने अब 300 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन एक बेहद विवादित मोड़ पर पहुंच गया है। कलेक्ट्रेट के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद जब जिला कलेक्टर नहीं आईं, तो प्रदर्शनकारियों ने अपना ज्ञापन एक आवारा कुत्ते के गले में डाल दिया।
देशभर में जहां सामान्य वर्ग द्वारा यूजीसी के नए प्रावधानों का विरोध देखा जा रहा है, वहीं रीवा में स्थिति इसके विपरीत नजर आई। यहां ओबीसी (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोग बड़ी संख्या में इन नियमों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि उच्च शिक्षा में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए यह बिल लाया गया था और वे इसके प्रावधानों को लागू करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। सोमवार को यह भीड़ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची थी।
5 घंटे तक ठप रहा शहर; मरीज और यात्री बेहाल
प्रदर्शन के कारण रीवा की कानून व्यवस्था और यातायात पर गहरा असर पड़ा। कलेक्ट्रेट के सामने करीब 4 से 5 घंटे तक भयंकर जाम लगा रहा।, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस लंबे जाम की वजह से आम नागरिक, छात्र, मरीज और यात्री बुरी तरह परेशान होते रहे। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि वे अपना ज्ञापन केवल जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल को ही सौंपेंगे। हालांकि, कलेक्टर के न पहुंचने पर तनाव बढ़ता गया और प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन एक बेहद विवादित मोड़ पर पहुंच गया है। कलेक्ट्रेट के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद जब जिला कलेक्टर नहीं आईं, तो प्रदर्शनकारियों ने अपना ज्ञापन एक आवारा कुत्ते के गले में डाल दिया।
देशभर में जहां सामान्य वर्ग द्वारा यूजीसी के नए प्रावधानों का विरोध देखा जा रहा है, वहीं रीवा में स्थिति इसके विपरीत नजर आई। यहां ओबीसी (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोग बड़ी संख्या में इन नियमों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि उच्च शिक्षा में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए यह बिल लाया गया था और वे इसके प्रावधानों को लागू करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। सोमवार को यह भीड़ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची थी।
5 घंटे तक ठप रहा शहर; मरीज और यात्री बेहाल
प्रदर्शन के कारण रीवा की कानून व्यवस्था और यातायात पर गहरा असर पड़ा। कलेक्ट्रेट के सामने करीब 4 से 5 घंटे तक भयंकर जाम लगा रहा।, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस लंबे जाम की वजह से आम नागरिक, छात्र, मरीज और यात्री बुरी तरह परेशान होते रहे। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि वे अपना ज्ञापन केवल जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल को ही सौंपेंगे। हालांकि, कलेक्टर के न पहुंचने पर तनाव बढ़ता गया और प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।
