महंगाई का नया दौर शुरू? RBI की रिपोर्ट ने बढ़ाई सरकार और जनता की टेंशन, आपके बजट पर क्या असर- VIDEO
RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर एक बेहद बड़ी अपडेट जारी की है। केंद्रीय बैंक फिर रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखा है।
- Written By: मनोज आर्या
RBI Monetary Policy Committee Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर एक बेहद बड़ी अपडेट जारी की है। इस बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखते हुए देश के आम आदमी को दो बड़े झटके दिए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर का अनुमान 4.5 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 5.1 फीसदी कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट (GDP Growth Rate) के अनुमान को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले गुरुवार को क्रिसिल इंटेलिजेंस ने रोटी राइस रेट (RRR) रिपोर्ट जारी किया था। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में घर में बने शाकाहारी और मांशाहारी थाली की कीमतों इजाफा हुआ है। खाने की कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण सब्जियों के दाम है। क्रिसिल ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि आने वाले महीनों में आलू और प्याज की कीमतें आम आदमी की बजट को और खराब कर सकते हैं। यानी सब्जियों के भाव और बढ़ने वाले हैं।
RBI Monetary Policy Committee Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर एक बेहद बड़ी अपडेट जारी की है। इस बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखते हुए देश के आम आदमी को दो बड़े झटके दिए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर का अनुमान 4.5 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 5.1 फीसदी कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट (GDP Growth Rate) के अनुमान को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले गुरुवार को क्रिसिल इंटेलिजेंस ने रोटी राइस रेट (RRR) रिपोर्ट जारी किया था। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में घर में बने शाकाहारी और मांशाहारी थाली की कीमतों इजाफा हुआ है। खाने की कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण सब्जियों के दाम है। क्रिसिल ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि आने वाले महीनों में आलू और प्याज की कीमतें आम आदमी की बजट को और खराब कर सकते हैं। यानी सब्जियों के भाव और बढ़ने वाले हैं।
