‘पत्नी के पैर छूता हूं…’, संसद में रवि किशन का ये बयान सुनकर सन्न रह गया विपक्ष, देखें VIDEO
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Ravi Kishan Statement: संसद में रवि किशन का भावुक अंदाज। महिला आरक्षण पर बोले- पत्नी के पैर छूता हूं , परिसीमन को बताया जरूरी। विपक्ष की राजशाही कहानियों पर कसा तीखा तंज।
- Written By: सजल रघुवंशी
Ravi Kishan Speech Women Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने एक बेहद प्रभावशाली और व्यक्तिगत भाषण दिया। उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जहां विपक्षी नेता अपने बैकयार्ड और राजशाही की कहानियां सुना रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने जमीनी स्तर पर महिलाओं के दर्द को समझा है। रवि किशन ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उनकी पत्नी ने गरीबी में उनका साथ दिया, जिसके लिए वे आज भी उनके पैर छूते हैं। उन्होंने महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा मानने से इनकार करते हुए इसे ‘नूतन भारत’ के संकल्प की सिद्धि बताया। परिसीमन का समर्थन करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि जब तक सीटों का विस्तार नहीं होगा, तब तक गांवों की बेटियों और महिलाओं को सदन में आने का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने इस बिल को रोका, तो देश की आधी आबादी उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
Ravi Kishan Speech Women Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने एक बेहद प्रभावशाली और व्यक्तिगत भाषण दिया। उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जहां विपक्षी नेता अपने बैकयार्ड और राजशाही की कहानियां सुना रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने जमीनी स्तर पर महिलाओं के दर्द को समझा है। रवि किशन ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उनकी पत्नी ने गरीबी में उनका साथ दिया, जिसके लिए वे आज भी उनके पैर छूते हैं। उन्होंने महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा मानने से इनकार करते हुए इसे ‘नूतन भारत’ के संकल्प की सिद्धि बताया। परिसीमन का समर्थन करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि जब तक सीटों का विस्तार नहीं होगा, तब तक गांवों की बेटियों और महिलाओं को सदन में आने का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने इस बिल को रोका, तो देश की आधी आबादी उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
